
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में बुधवार को कॉकपिट के अंदर हुई हिंसक घटना ने विमान में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मचा दी। इजरायली मीडिया YNet News और Channel 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के भारतीय मूल के कप्तान ने कथित तौर पर को-पायलट से भिड़कर विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से रोकने में अहम भूमिका निभाई।
रिपोर्टों के मुताबिक, विमान में करीब 180 यात्री, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे, सवार थे। घटना के बाद विमान को उसके निर्धारित मार्ग से हटाकर सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
भारतीय कप्तान ने को-पायलट का किया मुकाबला
इजरायली मीडिया रिपोर्टों में भारतीय मूल के कप्तान की पहचान स्मित मच्छर (Smit Machchhar) के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कॉकपिट में कप्तान और ओमानी मूल के को-पायलट के बीच कथित तौर पर झड़प हुई।
आरोप है कि को-पायलट ने विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। इसी दौरान कप्तान ने उसका मुकाबला किया। कुछ यात्रियों ने भी कॉकपिट में पहुंचकर कथित हमलावर को काबू करने में मदद की।
रिपोर्ट के मुताबिक, संघर्ष के दौरान दोनों पायलट घायल हुए। एक पायलट को गंभीर चोटें आईं, जबकि दूसरे घायल पायलट की हालत इतनी थी कि वह विमान को उतारने में सक्षम रहा। बाद में दोनों को सऊदी अरब में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पहले 7700, फिर 7500 सिग्नल
घटना के दौरान विमान से आपातकालीन संकेत भी भेजे गए। YNet के मुताबिक, फ्लाइट FZ1073 ने पहले Squawk Code 7700 भेजा, जो सामान्य आपात स्थिति का संकेत है। इसके बाद 7500 कोड भेजा गया, जिसका इस्तेमाल विमान में अवैध हस्तक्षेप या संभावित हाईजैकिंग की स्थिति में किया जाता है। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान करीब 34,000 फीट से तेजी से नीचे आकर 14,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया। इस घटनाक्रम ने विमान की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी।
कॉकपिट से चीखें सुनकर यात्री पहुंचे
YNet की रिपोर्ट में यात्रियों के हवाले से बताया गया कि कॉकपिट से चीखें सुनाई देने के बाद यात्रियों में घबराहट फैल गई। कुछ यात्रियों ने कॉकपिट का दरवाजा खोला तो वहां खून दिखाई दिया। एक यात्री के मुताबिक, कथित हमलावर के पास चाकू था और उसने एक पायलट पर हमला किया था। इसके बाद कई यात्री कॉकपिट में पहुंचे और पायलटों की मदद से हमलावर को काबू करने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, विमान में मौजूद एक रिलीफ पायलट, जो यात्री के तौर पर सफर कर रहा था, को भी कॉकपिट में बुलाया गया था।
ओमानी को-पायलट पर विमान गिराने की कोशिश का आरोप
इजरायली मीडिया के मुताबिक, को-पायलट ओमान का नागरिक था और उस पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश का संदेह है। इजरायली अधिकारियों की ओर से घटना को संभावित आतंकवादी हमले के तौर पर भी देखा जा रहा है, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि कॉकपिट में विवाद किस वजह से शुरू हुआ और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ।
इजरायली अधिकारियों ने बताया गंभीर हमला
Channel 12 के डिजिटल प्लेटफॉर्म N12 से बातचीत में एक इजरायली अधिकारी ने घटना को गंभीर हमला बताया, जिसे समय रहते रोक लिया गया। अधिकारी के मुताबिक, एक पायलट द्वारा दूसरे पर चाकू से हमला करने के बाद विमान को कथित तौर पर नीचे गिराने की कोशिश की गई। अधिकारी ने इस घटनाक्रम की तुलना 11 सितंबर के हमलों से जुड़े विमान अपहरण और उन्हें जमीन पर गिराने की आशंका से की। हालांकि, यह अधिकारी का बयान है और घटना की परिस्थितियों की आधिकारिक जांच जारी है।
तबूक में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। विमान ने वहां सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग की। फ्लाईदुबई ने भी पुष्टि की कि FZ1073 में “inflight incident” हुआ था। एयरलाइन के मुताबिक, सभी यात्री सुरक्षित हैं और उनकी देखभाल की जा रही है। कंपनी ने घटना की जांच शुरू करने और संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करने की बात कही है। घटना के दौरान इजरायल में भी सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और स्थिति की जानकारी जुटाने के लिए लड़ाकू विमान भेजे गए।
भारतीय कप्तान की भूमिका पर सबकी नजर
पूरे घटनाक्रम में भारतीय मूल के कप्तान की भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है। इजरायली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर ओमानी को-पायलट का सामना किया और यात्रियों की मदद से विमान को नियंत्रण में रखने में योगदान दिया। हालांकि, घटना का मकसद, कॉकपिट में विवाद की शुरुआत और घटनाओं का पूरा क्रम अभी जांच का विषय है। फ्लाईदुबई ने फिलहाल इसे पायलटों से जुड़ी एक “inflight incident” बताया है और कहा है कि जानकारी सत्यापित होने के बाद आगे की जानकारी दी जाएगी।


