
Brij Bhushan Sharan Singh: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे पर घमासान छिड़ा हुआ है। एक तरफ जहां कांग्रेस राज्य में 150 सीटों पर अपना दावा ठोक रही है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के एक बयान ने सियासी पारे को और बढ़ा दिया है। बृजभूषण ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश के बिना सब सूना है और उनके बिना कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है। बृजभूषण के बाद अखिलेश के बयान से भी यूपी की राजनीति में गर्मी आ गई है।
हालांकि यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में ज्यादा समय नहीं बचा है, यही कारण है कि गठबंधन के साथियों के बीच सीटों की खींचतान और विरोधियों के बयानों ने राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। ‘इंडिया’ गठबंधन में कांग्रेस की 150 सीटों की मांग के बीच भाजपा के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक बड़ा बयान सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ALSO READ: बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें फिर बढ़ीं? ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ सत्र कोर्ट पहुंचीं महिला पहलवान
अखिलेश के बिना कांग्रेस का कोई वजूद नहीं
जब पत्रकारों ने बृजभूषण शरण सिंह से कांग्रेस द्वारा यूपी में 150 सीटों की मांग पर सवाल पूछा, तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अखिलेश के बिना सब सूना है। बृजभूषण का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के दावे को लेकर लगातार बयानबाजी जारी है। वहीं, कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने इमरान मसूद के बयानों का खुलकर समर्थन किया और कहा कि उम्मीदवारों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए, इसलिए सीटों का फैसला जल्द होना आवश्यक है।
धर्मेंद्र यादव की कांग्रेस को नसीहत
कांग्रेस के आक्रामक रुख पर समाजवादी पार्टी ने भी कड़ा एतराज जताया है। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कांग्रेस नेतृत्व को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस को यह सोचना चाहिए कि उनके नेताओं को क्या बयान देना चाहिए और क्या नहीं। धर्मेंद्र यादव ने याद दिलाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी और अखिलेश यादव की जोड़ी से ही गठबंधन को बड़ी सफलता मिली थी। उन्होंने दावा किया कि 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। ALSO READ: महिला पहलवान यौन उत्पीड़न केस में बृजभूषण शरण सिंह बरी, कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
बृजभूषण द्वारा अखिलेश की तारीफ के सियासी मायने?
भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह का अखिलेश यादव के पक्ष में बोलना और कांग्रेस पर निशाना साधना महज एक साधारण बयान नहीं है, बल्कि इसके पीछे सोची-समझी रणनीतिक वजहें मानी जा रही हैं। इससे पहले भी बृजभूषण अखिलेश की तारीफ कर चुके हैं। बृजभूषण अपने मुखर अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। क्षेत्रीय स्तर पर अपने प्रभाव को बनाए रखने और राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक बहसों में अपनी प्रासंगिकता सिद्ध करने का यह उनका एक तरीका है।
इसके साथ ही अखिलेश और बृजभूषण के बीच पुरानी नजदीकियां भी हैं। बीच-बीच में उनके सपा में जाने की अटकलें भी लगती रही हैं। इस बीच, बृजभूषण को लेकर अखिलेश यादव का बयान भी चौंकाने वाला है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि जो पार्टी में आना चाहेगा उसे स्वीकार करेंगे।
बृजभूषण शरण सिंह 2009 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर कैसरगंज से सांसद रह चुके हैं। पहलवानों के आंदोलन और विवादों के दौरान भी अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी ने बृजभूषण शरण सिंह पर सीधे हमला करने के बजाय संतुलित रुख अपनाया था। हालांकि बृजभूषण के बेटे करण भूषण सिंह कैसरगंज से भाजपा सांसद हैं और दूसरे बेटे प्रतीक भूषण सिंह गोंडा से भाजपा विधायक हैं।


