
Arvind Kejriwal on CEC Gyanesh Kumar resignation: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर बड़ा बयान दिया है। एक टीवी इंटरव्यू के दौरान केजरीवाल ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से अपील करते हुए कहा कि ज्ञानेश के बजाय सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की जानी चाहिए। केजरीवाल का कहना है कि चुनाव आयोग में जो कुछ भी हो रहा है, वह मुख्य चुनाव आयुक्त अपने लिए नहीं, बल्कि अपने ‘बॉस’ के इशारे पर कर रहे हैं।
आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने विपक्षी आंदोलनों और मांगों पर तंज कसते हुए एक नया राजनीतिक दांव चला है। केजरीवाल ने कहा है कि बार-बार जंतर-मंतर जाकर छोटे अधिकारियों या मंत्रियों का इस्तीफा मांगने से कोई फायदा नहीं होने वाला, अब सीधा प्रधानमंत्री के इस्तीफे के लिए आंदोलन होना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार ने बॉस के लिए गड़बड़ी की
इंटरव्यू के दौरान जब केजरीवाल से चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मैं सीजेपी के लोगों को एक संदेश देना चाहता हूं। पहले उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा, अब ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं। अरे, एक ही बार में सीधे ‘बॉस’ का इस्तीफा मांग लो न! लोग कितनी बार जंतर-मंतर जाएंगे और आंदोलन करेंगे?
मोदी जी चाहते तो 12 साल में हमारे देश को दुनिया का नंबर 1 देश बना सकते थे लेकिन उन्होंने हमारे देश का सत्यानाश कर दिया… इन लोगों ने मिलकर लूट लिया हमारे देश को। pic.twitter.com/iyxeXwqbCe
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 28, 2026
केजरीवाल ने आगे कहा कि ज्ञानेश कुमार ने जो भी किया, वह अपने निजी फायदे के लिए नहीं किया। उन्होंने जो कुछ भी किया, वह अपने ‘बॉस’ के कहने पर और उनके लिए ही किया है। इसलिए यह आंदोलन किसी अधिकारी या चुनाव आयुक्त के खिलाफ नहीं, बल्कि सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे के लिए होना चाहिए।
140 करोड़ लोग सड़कों पर उतरेंगे
2 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने खुशी जाहिर की और कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि अब लोग सड़कों पर उतरेंगे। यह मुद्दा अब जनता खुद उठाएगी। मुझे उम्मीद है कि इस दबाव के बाद ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा और देश को SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण/वोटर लिस्ट विवाद) से मुक्ति मिलेगी।
दिल्ली में बैठकर बन रही है देश की वोटर लिस्ट
वोटर लिस्ट में धांधली और एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए आप प्रमुख ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया है, जिसने कई इलाकों में एसडीएम (SDM) की शक्तियां छीन ली हैं।
क्या हैं केजरीवाल के आरोप?
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली चुनाव आयोग के दफ्तर में बैठकर कुछ लोग पूरे देश की वोटर लिस्ट को नियंत्रित कर रहे हैं। वे किसी का भी नाम जोड़ सकते हैं और किसी का भी काट सकते हैं। गोवा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां 97 लोगों का नाम जोड़ने के लिए लगातार पत्राचार किया गया, लेकिन नाम नहीं जोड़े गए। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि अगर चुनाव आयोग अपनी मर्जी से वोट काट और जोड़ सकता है, तो फिर सरकारें कभी बदल ही नहीं सकतीं। लोकतंत्र का मतलब यह है कि जनता असंतुष्ट होने पर सरकार बदल सके, लेकिन इस प्रक्रिया से लोकतंत्र का सत्यानाश किया जा रहा है।
पंजाब चुनाव और निगरानी व्यवस्था
पंजाब को लेकर पूछे गए सवाल पर अरविंद केजरीवाल ने आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी पार्टी वहां पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि पंजाब के अंदर हमने एक बहुत बड़ी और मजबूत टीम बनाई है, जो वोटर लिस्ट और चुनावी प्रक्रिया के हर एक कदम पर चौबीसों घंटे पैनी नजर बनाए हुए है।


