
उज्जैन में शाही मस्जिद तोड़े जाने का विवाद लगातार बढ़ रहा है। यहां एक बार फिर पुलिस पर पथराव हुआ है। जवाब में लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ी गई है। यहां सुबह भी पथराव हुआ था, इसके बाद आंसू गैस छोड़ी गई थी। इसमें एक महिला थाना प्रभारी घायल हो गई।
पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों पर FIR की है। इनमें 5 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। इन पर माहौल बिगाड़ने का आरोप है। हालांकि अभी इनकी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं मिली है। बाहर से आए 5 लोग गिरफ्तार हुए हैं। शाही मस्जिद को तोड़ने के विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने नाका नंबर 5 पर चक्काजाम कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर बैठ गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस मौके पर पहुंचकर महिलाओं को हटाने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी है।
मस्जिद का मामला रात में ही आपसी सहमति से सुलझ गया था। ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जिसके लिए किसी को वहाँ जाने की आवश्यकता हो। जिस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया गया है, उसे पूरा किया जा रहा है।
सभी से अपील है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अफवाहों के कारण घर से बाहर… pic.twitter.com/x8c1I8AGpR
— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) September 28, 2026
2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती : कार्रवाई की आशंका को देखते हुए यहां जेसीबी और पोकलेन मशीनों के साथ करीब 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ने के बाद शनिवार रात से मुस्लिम समाज के लोग शाही मस्जिद परिसर और आसपास की सड़कों पर एकत्र होने लगे और नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध का सिलसिला रविवार रात तक जारी रहा। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कंठाल-गोपाल मंदिर मार्ग पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी गई। सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की गई।
खुद ही मस्जिद तोड़नी शुरू : इस बीच खबर मिली थी कि मुस्लिम समाज ने खुद ही मस्जिद तोड़नी शुरू कर दी। मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा तोड़ा जाना है। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सोमवार को ही इस पर सुनवाई है। पथराव वाले इलाके के आसपास के सभी प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। वहीं, छत्री चौक, सती गेट, सराफा, लखेरवाड़ी, ढाबा रोड और गोपाल मंदिर के आसपास का बाजार पूरी तरह बंद है।
60 धार्मिक स्थलों में से कई को हटाया : बता दें कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए उज्जैन के कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक 15 मीटर सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। करीब 900 मीटर लंबे इस मार्ग पर निर्माण में बाधा बन रहे 60 धार्मिक स्थलों में से अधिकांश को हटाया जा चुका है। हालांकि शाही मस्जिद और खड़े हनुमान मंदिर के पास स्थित मजार को लेकर पिछले दिनों तनाव और विरोध की स्थिति बनी और प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान उज्जैन में पथराव की स्थिति बनी। पुलिस ने भीड़ को तितर बीतर करने के लिए आंसू गैस के गोल छोड़े।
सड़क पर उतरीं मुस्लिम महिलाएं : शाही मस्जिद को तोड़ने के विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने नाका नंबर 5 पर चक्काजाम कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर बैठ गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस मौके पर पहुंचकर महिलाओं को हटाने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी है।
क्या कहा शहर काजी ने : उज्जैन शहर काजी खली कुर्रे रहमान ने कहा कि मस्जिद का मामला रात में ही आपसी सहमति से सुलझ गया था। ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जिसके लिए किसी को वहाँ जाने की आवश्यकता हो। जिस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया गया है, उसे पूरा किया जा रहा है। सभी से अपील है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अफवाहों के कारण घर से बाहर निकलकर अनावश्यक रूप से मौके पर न जाएं। गौरतलब है कि सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई तेज हो गई। खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाने से गणेश चौक तक रोड चौड़ा किया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के मार्ग में कई धार्मिक स्थल आए हैं। इसमें खड़े हनुमान मंदिर भी शामिल हैं। रविवार को सीएम मोहन यादव ने भी अपने पैतृक घर का प्रभावित हिस्सा खुद गैती चलाकर हटाया था। इस कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय लोगों और मस्जिद समिति ने कानूनी लड़ाई भी लड़ी है। एकलपीठ से याचिका खारिज होने के बाद मामला हाईकोर्ट की इंदौर बेंच की युगलपीठ के समक्ष पहुंचा है, जिस पर आज सुनवाई होनी है।
आसपास के सभी प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी : पथराव वाले इलाके के आसपास के सभी प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। वहीं, छत्री चौक, सती गेट, सराफा, लखेरवाड़ी, ढाबा रोड और गोपाल मंदिर के आसपास का बाजार पूरी तरह बंद है। पुलिस डीजे के जरिए लगातार लोगों को घरों में रहने की हिदायत दे रही है।


