
बिहार के जमुई मामले में बुधवार को कोर्ट परिसर में उस समय हंगामा हो गया, जब मामले के आरोपी हरेराम यादव को पेशी के बाद पुलिस वापस ले जा रही थी। इसी दौरान वकील आकाश पांडे ने हरेराम यादव को थप्पड़ मार दिया। मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ (हाफ एनकाउंटर) में पैर में गोली लगने के बाद जमुई सदर अस्पताल में भर्ती है। घटना के बाद कुछ अन्य वकीलों ने भी आरोपी के साथ मारपीट की कोशिश की। पुलिस ने हरेराम यादव को सुरक्षा घेरे में लेकर वहां से बाहर निकाला।
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रिपोर्टों के मुताबिक, हरेराम यादव की कोर्ट में पेशी के बाद जब पुलिस उसे लेकर जा रही थी, उसी दौरान आकाश पांडे उसके पास पहुंचे और थप्पड़ मारा। बाद में वकील ने मीडिया से बातचीत में घटना की पुष्टि भी की। उन्होंने मामले को लेकर आक्रोश जताया और कहा कि उन्हें कानून के तहत जो सजा मिलेगी, वह स्वीकार करेंगे।
पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला
हरेराम यादव को थप्पड़ मारे जाने के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कुछ अन्य वकीलों द्वारा भी आरोपी को घेरने और मारपीट की कोशिश किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए आरोपी को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। यह मामला जमुई के मड़वा गांव में नाबालिग छात्रों से कथित छेड़छाड़ और उत्पीड़न से जुड़ा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की थी।
जमुई की घटना के आरोपी हरेराम यादव को पेशी के दौरान वकील ने थप्पड़ मारा। आकाश पांडे नामक वकील ने हरेराम यादव से मारपीट की। दूसरे वकीलों ने भी उसे पीटने की कोशिश की। pic.twitter.com/DqfiG51inZ
— Somu Anand (@SomuAnand_) September 23, 2026
मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
इस मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने 22 सितंबर को कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान नंदन के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उसके पास से एक देसी पिस्तौल बरामद होने की भी जानकारी दी है।
नंदन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और उनके संबंधों की भी जांच कर रही है।
नंदन के पिता गनौरी यादव भी गिरफ्तार
इसी जांच के दौरान पुलिस ने नंदन यादव के पिता गनौरी यादव को 23 साल पुराने डबल मर्डर केस में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गनौरी का नाम 3 अप्रैल 2003 को प्रतापपुर गांव में दो भाइयों डीपी यादव और पुणे यादव की हत्या से जुड़े मामले की एफआईआर में दर्ज था और वह लंबे समय से फरार था।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2003 में कथित तौर पर ठेकेदारी से जुड़े विवाद के बाद दोनों भाइयों की हत्या हुई थी। मृतकों की मां संसारी देवी ने टाउन थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें गनौरी यादव समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
कोर्ट ने गनौरी यादव को भेजा न्यायिक हिरासत में
गिरफ्तारी के बाद गनौरी यादव को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, पुराने मामले में उसके खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज था और उस पर आर्म्स एक्ट का भी मामला होने की बात सामने आई है।
इस तरह जमुई मामले में एक तरफ जहां आरोपी हरेराम यादव के साथ कोर्ट परिसर में मारपीट की घटना ने सुर्खियां बटोरी हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्य आरोपी नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद उसके पिता गनौरी यादव के खिलाफ दर्ज 23 साल पुराने मामले का भी खुलासा हुआ है।


