
Xi Jinping BRICS Summit 2026: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंच गए हैं। पालम एयरपोर्ट पर उनका विमान लैंड होते ही वैश्विक कूटनीति का पारा चढ़ गया है। साल 2020 की गलवान घाटी की झड़प के बाद दोनों देशों के बीच उपजे तनाव के साये के बीच, जिनपिंग का यह पहला भारत दौरा है। इससे पहले वह आखिरी बार 2019 में भारत आए थे। ALSO READ: बिहार का सत्तू, ओडिशा की कॉफी और बहुत कुछ: ब्रिक्स मेहमानों को दिए जा रहे 'गुडी बैग' में क्या-क्या है खास?
राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित 12-13 सितंबर तक चलने वाले इस 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही पहुंच चुके हैं। ऐसे में जिनपिंग के आने से समिट का वजन और बढ़ गया है। आज ही दुनिया की नजरें उस सबसे पावरफुल मुलाकात पर टिकी हैं, जब शाम 5 बजकर 45 मिनट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग आमने-सामने होंगे।
क्यों खास है जिनपिंग की यह यात्रा?
साल 2020 की गलवान घटना के बाद से भारत और चीन के रिश्ते ठंडे बस्ते में चले गए थे। हालांकि, दोनों देश अब अपने द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश में जुटे हैं। भारत ने अपनी नीति स्पष्ट करते हुए बार-बार कहा है कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच सामान्य रिश्तों और विकास के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता का होना अनिवार्य है। हाल ही में बिश्केक में हुए एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच संक्षिप्त बातचीत हुई थी, लेकिन दिल्ली की इस हाई-लेवल मीटिंग में रिश्तों की गर्माहट को लेकर विस्तृत चर्चा की उम्मीद है। ALSO READ: दिल्ली में ब्रिक्स महाकुंभ: जानिए 2 दिवसीय समिट का पल-पल का शेड्यूल
ग्लोबल संकट और समिट का एजेंडा
11 सदस्यीय ब्रिक्स समूह ऐसे समय में मिल रहा है जब दुनिया के सामने कई गंभीर भू-राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हैं। फिलहाल, शी जिनपिंग पालम एयरपोर्ट से सीधे भारत मंडपम के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां वे ब्रिक्स के सत्रों में हिस्सा लेंगे और शाम को होने वाली द्विपक्षीय वार्ता के जरिए भारत-चीन संबंधों के नए अध्याय की रूपरेखा तय करेंगे।
मोदी-जिनपिंग मुलाकात पर दुनिया की नजर
राष्ट्रपति जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। 2 दिग्गज नेताओं की इस मुलाकात पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई है। कजान और तियानजिन के बाद ये लगातार तीसरा साल होगा, जब दोनों नेता आमने-सामने मिलेंगे। भारत में चीन के राजदूत शू फीहोंग ने कहा कि बीजिंग और नई दिल्ली, शी और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि चीन, दोनों नेताओं द्वारा दिए गए रणनीतिक मार्गदर्शन को लागू करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा।
उन्होंने कहा कि चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन पर अमल करने, रणनीतिक ऊंचाई और दीर्घकालिक नजरिए से द्विपक्षीय संबंधों को संभालने, बातचीत बढ़ाने, सहयोग को मजबूत करने, मतभेदों को सही ढंग से सुलझाने और अच्छे पड़ोसी व एक-दूसरे की सफलता में मददगार साझेदार के तौर पर दोस्ती निभाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा।


