Duleep Trophy Final में शांत रहा वैभव का बल्ला, दोनों पारी मिलाकर बनाए 52 रन

सफेद गेंद की क्रिकेट में कमाल दिखा चुके वैभव सूर्यवंशी का बल्ला लाल गेंद की क्रिकेट में खामोश रहा है। दलीप ट्रॉफी में इस्ट जोन के उपकप्तान और सलामी बल्लेबाज खिताबी मुकाबले की दूसरी पारी में 16 गेंदों में 8 रन बनाकर स्टंप आउट हो गए। उनका विकेट दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाज त्रिपुराना विजय ने लिया। पहली पारी में भी वह अपनी अच्छी शुरुआत को नहीं भुना पाए थे और 37 गेंदों में 5 चौके और एक छक्का मारकर 44 रनों पर आउट हो गए थे।

इस्ट जोन बनाम सेंट्रल जोन की दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों में खेली 92 रनों की पारी में 7 चौके और छक्के लगाए थे। हालांकि इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए 11 प्रथम श्रेणी मैचों की 17 पारियों 23.3 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।वहीं इस दलीप ट्रॉफी में भी उन्होंने 5 पारियों में 38 की औसत से 192 रन बनाए हैं।

इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

कभी भारत की टीम में जगह बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे दलीप ट्रॉफी अब महज बीसीसीआई के कैलेंडर में एक और टूर्नामेंट बनकर रह गया है क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में नहीं हैं।

रणजी ट्रॉफी की तरह ही दलीप ट्रॉफी भी भारत ए की टीम में जगह बनाने का जरिया रह गया है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ होने वाले दो चार दिवसीय ‘टेस्ट’ मैचों के लिए दावेदार हो सकते हैं।