
Who is IAS Medha Rupam: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी की हिरासत रद्द करते हुए गौतम बुद्धनगर (नोएडा) की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। आईएएस मेधा यूपी कैडर की 2014 बैच की वरिष्ठ अधिकारी हैं। मेधा भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं, जो कि 1988 बैच के केरल कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं।
दरअसल, हाईकोर्ट की अतुल श्रीधरन और अचल सचदेव की बेंच ने कृति चौधरी की हिरासत को रद्द करते हुए नोएडा की डीएम मेधा रूपम को पीड़िता को 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है। हालांकि मेधा हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा सुनाए गए एक ऐतिहासिक और सख्त फैसले से जुड़ा है। दरअसल, इसी साल अप्रैल में गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में वेतन बढ़ाने के मांग को लेकर मजदूरों ने आंदोलन किया था। इस दौरान नोएडा में 13 अप्रैल को हिंसा फैल गई थी। हिंसा के आरोप में आकृति समेत अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था। आकृति को उस समय हिंसा फैलाने के आरोप में एनएसए लगाकर जेल में डाल दिया गया था। इसके बाद आकृति को 5 महीने जेल में रहना पड़ा था।
सरकार ने इस मामले में सबूत होने की बात कही थी, लेकिन आकृति के खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं किए जा सके। आकृति के वकील ने बताया कि 13 अप्रैल की हिंसा से पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि पुलिस और प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह मनगढ़ंत, दुर्भावनापूर्ण और अधिकारों का दुरुपयोग थी।
वेतन से कटेगी जुर्माने की राशि
कोर्ट ने आकृति को तत्काल रिहा करने का आदेश जारी करने के साथ ही 5 महीने जेल में रखने के एवज में उन्हें 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुआवजे की यह राशि डीएम मेधा रूपम के वेतन से काटकर आकृति को प्रदान की जाएगी। आकृति चौधरी एक एक्टिविस्ट हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसी मामले में पत्रकार सत्यम वर्मा पर भी NSA लगाया गया था।


