
Testosterone screening in US: अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी सक्रिय और रिजर्व सैन्य कर्मियों के लिए टेस्टोस्टेरोन की कमी की अनिवार्य जांच से संबंधित नए और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की घोषणा के बाद तत्काल प्रभाव से लागू किए गए इस नियम का उद्देश्य सैनिकों की शारीरिक क्षमता, ऊर्जा और सैन्य तैयारी को बेहतर बनाना है।
पेंटागन के अनुसार, इन नए मानकों का मुख्य उद्देश्य पुरुषों और महिलाओं दोनों में हार्मोनल असंतुलन और ऊर्जा की कमी से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर उनका समय पर उपचार करना है, जिससे अमेरिकी सेना की समग्र युद्ध तत्परता को मजबूती मिल सके। ALSO READ: होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का लगभग पूरा कंट्रोल? ट्रंप के दावे से मचा हड़कंप ; तेल के दाम चढ़े
पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग नियम
पेंटागन के दिशा-निर्देशों के अनुसार 30 वर्ष या उससे अधिक के पुरुषों के लिए रक्त में टेस्टोस्टेरोन स्तर की नियमित और अनिवार्य जांच की जाएगी। रायटर की रिपोर्ट के अनुसार, 30 वर्ष से कम आयु के पुरुष युवा सैनिकों की जांच केवल उनकी व्यक्तिगत मांग पर या डॉक्टर द्वारा किसी चेतावनी संकेत की पहचान करने पर ही होगी। ALSO READ: अमेरिका के हाथ लगा दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार! ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ किया ऐतिहासिक समझौता
वहीं महिला सैनिकों के लिए नियमित ब्लड टेस्ट अनिवार्य नहीं किया गया है। हालांकि, उनमें अत्यधिक थकान और अनियमित मासिक धर्म चक्र की जांच की जाएगी। यह लक्षण हार्मोनल गड़बड़ी और 'रिलेटिव एनर्जी डेफिशिएंसी इन स्पोर्ट्स' (RED-S) से जुड़े हो सकते हैं।
इसके अलावा, दस्तावेज़ में मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के बाद की उन महिला सैनिकों के लिए भी ऑफ-लेबल टेस्टोस्टेरोन देने के स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं, जो कामेच्छा में अत्यधिक कमी का सामना कर रही हैं।
विशेषज्ञों की चिंता और एफडीए की बैठक
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ लंबे समय से टेस्टोस्टेरोन के उपयोग का समर्थन करते रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस व्यापक जांच नीति के वैज्ञानिक आधार पर सवाल उठाए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़े पैमाने पर होने वाली अनिवार्य जांच से अनावश्यक या संभावित रूप से हानिकारक उपचार की स्थिति पैदा हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बात के पुख्ता प्रमाण नहीं हैं कि सभी सैन्य कर्मियों की टेस्टोस्टेरोन जांच करने से देश की युद्ध क्षमता में कोई बड़ा सुधार होगा।
इस विषय पर बढ़ती चर्चाओं के बीच, अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (US FDA) ने सितंबर के मध्य में विशेषज्ञों की एक बैठक बुलाई है, जिसमें टेस्टोस्टेरोन के चिकित्सा उपयोग और इसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
क्या होती है टेस्टोस्टेरोन जांच?
टेस्टोस्टेरोन जांच (Testosterone Test) एक सामान्य ब्लड टेस्ट है, जिससे आपके खून में मौजूद टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की मात्रा का पता लगाया जाता है। टेस्टोस्टेरोन को मुख्य रूप से पुरुष सेक्स हार्मोन कहा जाता है, जो पुरुषों के अंडकोष में बनता है, लेकिन यह महिलाओं के अंडाशय (Ovaries) और दोनों के एड्रिनल ग्लैंड में भी कम मात्रा में बनता है। यह हार्मोन मांसपेशियों की ताकत, हड्डियों का घनत्व, दाढ़ी-मूंछ के बाल, शुक्राणु के निर्माण और सेक्स ड्राइव को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है। यह रक्त में मौजूद सभी प्रकार के टेस्टोस्टेरोन (प्रोटीन से बंधे और फ्री दोनों) की कुल मात्रा को मापता है।


