
भाजपा के फायर ब्रांड नेता संगीत सोम ने मीडिया से रूबरू होते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखे हमले बोले। शामली के अंकित चौहान हत्याकांड में आरोपियों के एनकाउंटर को लेकर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए सोम ने कहा कि प्रदेश सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का काम किया जा रहा है।
पूर्व विधायक संगीत सोम ने अखिलेश यादव को आड़े हाथ लेते हुए PDA की नई परिभाषा गढ़ दी। उन्होंने PDA को यानी P से पापी,D से डकैत,A से अपराधी व्याख्या की है। संगीत का हमला यही नही रूका उन्होंने अखिलेश को अपराधियों का ‘अब्बा’ तक कह दिया। सोम ने आरोप लगाया कि सपा नेतृत्व की राजनीति अपराधियों के समर्थन और जातीय ध्रुवीकरण के इर्द-गिर्द घूमती है।
अंकित चौहान के परिवार से मुलाकात का किया जिक्र
संगीत सोम ने बताया कि वह बीते कल यानी रविवार को शामली पहुंचे थे और अंकित चौहान के परिजनों से मुलाकात की थी। उन्होंने दावा किया कि परिवार को सरकार की ओर से न्याय का भरोसा दिलाया गया था। सोम के मुताबिक, इसके अगले दिन पुलिस मुठभेड़ में हत्याकांड के आरोपी मारे गए, जबकि बदमाशों की गोली से दो पुलिसकर्मी घायल भी हुए।
उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के बाद अखिलेश यादव ने एनकाउंटर पर सवाल उठाए, जिस पर उन्होंने सपा प्रमुख को घेरा। सोम ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय पीड़ित परिवार और पुलिसकर्मियों के पक्ष को भी देखा जाना चाहिए।
‘पुलिस को जाति के चश्मे से देखना गलत’
पूर्व विधायक ने अखिलेश यादव के एसटीएफ को लेकर दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और समाज को जातीय आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है। सोम ने कहा कि पुलिस बल को किसी जाति विशेष के चश्मे से देखना उचित नहीं है और अपराध के खिलाफ कार्रवाई को जातीय राजनीति से जोड़ना गलत है।
सोम ने अखिलेश यादव को उनके कार्यकाल की घटनाओं की याद दिलाते हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की हत्या के मामलों का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय मारे गए पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को कितना न्याय मिला।
‘अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी’
संगीत सोम ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अपराधियों को बचाने के लिए कोई कितनी भी कोशिश कर ले, सरकार अपराध के खिलाफ पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी का नाम लेते हुए भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। सोम ने आरोप लगाया कि सपा नेतृत्व ने ऐसे लोगों के प्रति नरम रुख अपनाया, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंकित चौहान मामले में पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई पर सवाल उठाना भी उसी राजनीतिक सोच का हिस्सा है।
यादव परिवार को लेकर भी अखिलेश पर हमला
जातिवाद के मुद्दे पर संगीत सोम ने अखिलेश यादव और यादव परिवार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को जातिवाद की बात करने से पहले अपने परिवार की राजनीतिक स्थिति पर नजर डालनी चाहिए।
सोम ने दावा किया कि यादव परिवार के कई सदस्य सांसद हैं और आरोप लगाया कि परिवार के लोगों को राजनीतिक पद मिलने के बावजूद PDA के नाम पर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने अखिलेश यादव, डिंपल यादव, आदित्य यादव, रामगोपाल यादव, धर्मेंद्र यादव और अक्षय यादव का नाम लेते हुए परिवारवाद और जातीय राजनीति के आरोप लगाए।
पुराने मामलों पर भी मांगा जवाब
सोम ने अखिलेश यादव के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें सत्ता में आने पर पुराने मामलों की जांच कराने की बात कही जाती है। उन्होंने मुजफ्फरनगर के गौरव-सचिन हत्याकांड और मथुरा में पुलिस अधिकारियों की हत्या का जिक्र करते हुए पिछली सरकार के दौरान हुई कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मिले न्याय पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि अखिलेश दावा कर रहें है कि उनकी सरकार आयेंगी तो वह न्याय दिलाने का काम करेंगे, जो सरकार को बदलने की मंशा रखते है उन्हें पहले यह भी बताना चाहिए कि उनके शासनकाल में गंभीर अपराधों के पीड़ित परिवारों को कितना न्याय मिला?
‘अपराधी अखिलेश से बचाने की गुहार लगा रहे’
संगीत सोम ने तंज कसते हुए कहा कि अपराधी अब अखिलेश यादव से बचाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार अपराधियों पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने दोहराया कि भाजपा सरकार में अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति है, जिसके चलते अपराधियों के सफायें का अभियान आगे भी चलता रहेगा।
सनातन पर टिप्पणी को लेकर भी साधा निशाना
सोम ने सनातन धर्म को लेकर भी अखिलेश यादव पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अध्यक्ष लगातार सनातन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाते हैं। कभी पोस्टर में चिलम के साथ मुख्यमंत्री को दिखाया जाता है, ये संत का अपमान है। संत का अपमान सीधेतौर पर सनातन समाज का अपमान है। इसी ऐसी छोटी सोच और टिप्पणियां कर वालों को समाज कभी भी स्वीकार नहीं करेगा।
‘चवन्नी’ वाले बयान का भी किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में संगीत सोम ने अखिलेश यादव के पुराने ‘चवन्नी’ वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि जिन्हें आज चवन्नी बताया जा रहा है, वही लोग आने वाले समय में अखिलेश यादव को ‘इकन्नी’ बनाने का काम करेंगे।
पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संगीत सोम ने अपराध, एनकाउंटर, जातीय राजनीति, परिवारवाद और सनातन के मुद्दे पर अखिलेश यादव को घेरा और कहा कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


