
Uttarakhand Women Empowerment: उत्तराखंड में मातृशक्ति को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ राज्य की महिलाओं को मिल रहा है। सरकार का मुख्य ध्यान महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तीकरण और रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने पर है।
सरकारी नौकरियों में 30% आरक्षण से सशक्त होती महिलाएं
राज्य सरकार ने महिलाओं को प्रशासनिक और सरकारी सेवाओं में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण का प्रावधान किया है। इस ऐतिहासिक फैसले से उत्तराखंड की बेटियों और महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों के नए द्वार खुले हैं, जिससे वे राज्य के विकास में बराबरी की भागीदार बन रही हैं।
3 लाख 9 हजार से अधिक महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी'
धरातल पर योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का सबसे बड़ा उदाहरण 'लखपति दीदी' योजना है। उत्तराखंड में इस अभियान को अत्यधिक सफलता मिली है। अब तक 3,09,000 से अधिक महिलाएं अपनी वार्षिक आय को एक लाख रुपये से अधिक बढ़ाकर 'लखपति दीदी' के रूप में स्थापित हो चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय स्वरोजगार के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होकर अपने परिवारों की रीढ़ बन रही हैं।
आददरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार की सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। वहीं, लखपति दीदी के संकल्प को… pic.twitter.com/OtJeGBggmJ
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 26, 2026
विशेष योजनाओं से मिल रहा संबल
मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य में कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री सक्षम बहना उत्सव योजना के जरिए स्थानीय महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार और बिक्री के बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नवजात बालिकाओं और माताओं के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह योजना प्रभावी रूप से कार्य कर रही है।


