
Nitin Navin Team BJP Muslim Leaders: भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव और नए चेहरों को शामिल करने की रणनीति के तहत नितिन नवीन की टीम में दो प्रमुख मुस्लिम नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी गई है। डॉ. तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली को टीम में शामिल कर पार्टी ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। इन दो नेताओं को संगठन में तरजीह मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि आखिर ये दोनों चेहरे कौन हैं और पार्टी में इनकी क्या भूमिका रही है।
किसको क्या जिम्मेदारी मिली?
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन द्वारा अपनी संगठनात्मक टीम का विस्तार करते हुए सभी वर्गों को साधने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। इस नई टीम में दो प्रमुख मुस्लिम नेताओं—डॉ. तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली को स्थान दिया गया है। पार्टी के इस कदम को सबका साथ, सबका विकास और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच पैठ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। आइए जानते हैं कि कौन हैं ये दो मुस्लिम चेहरे जिन्हें संगठन में यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। भाजपा ने मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है, जबकि बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। ALSO READ: BJP की नई टीम का ऐलान: स्मृति ईरानी-वसुंधरा राजे की वापसी, पीयूष गोयल बने कोषाध्यक्ष
कौन हैं तारिक मंसूर?
डॉ. तारिक मंसूर एक जाने-माने शिक्षाविद और प्रबुद्ध राजनेता हैं। डॉ. मंसूर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कुलपति (Vice-Chancellor) रह चुके हैं। एएमयू के वीसी पद से इस्तीफा देने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य (MLC) बनाया गया था। इसके बाद भाजपा ने उन्हें अब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जैसी बड़ी जिम्मेदारी भी दी है।
डॉ. मंसूर को शिक्षित मुस्लिम वर्ग (पसमांदा और प्रबुद्ध समाज) के बीच पार्टी की छवि सुधारने और संवाद स्थापित करने के लिए एक मजबूत चेहरा माना जाता है। नितिन नवीन की टीम में उनकी मौजूदगी से बौद्धिक और नीतिगत फैसलों में संतुलन बनने की उम्मीद है। ALSO READ: नितिन नवीन की नई टीम में मध्यप्रदेश के 6 चेहरों को जगह, गजेंद्र पटेल महामंत्री, कविता पाटीदार मंत्री, बंशीलाल गुर्जर बनें किसान मोर्चा अध्यक्ष
कौन हैं कुंवर बासित अली?
कुंवर बासित अली भाजपा के युवा और ऊर्जावान अल्पसंख्यक नेताओं में गिने जाते हैं। कुंवर बासित अली लंबे समय से भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़े रहे हैं और उत्तर प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने जमीनी स्तर पर मुस्लिम समुदाय, खासकर पसमांदा मुसलमानों को पार्टी से जोड़ने के लिए कई अभियान चलाए हैं।
बासित अली की पकड़ युवाओं और कैडर-स्तर के कार्यकर्ताओं पर काफी मजबूत मानी जाती है। नितिन नवीन की टीम में उन्हें शामिल कर पार्टी ने जमीनी स्तर पर अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को साधने का प्रयास किया है।
क्या हैं इन नियुक्तियों के मायने?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इन नियुक्तियों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा यूपी चुनाव से पहले यह संदेश देना चाहती है कि वह केवल चुनावी राजनीति तक सीमित न रहकर संगठन के भीतर भी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। आने वाले चुनावों में इन दोनों नेताओं की भूमिका अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में पार्टी का जनाधार बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। उल्लेखनीय है कि बहुत लंबे समय बाद राष्ट्रीय पटल पर दो मुस्लिम चेहरे उभरे हैं। इससे पहले मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन जैसे नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान थी।


