Iran Kuwait Conflict: कुवैत में रविवार को हालात उस वक्त बिगड़ गए, जब ईरान ने अल-सुबिया पावर जनरेशन और वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। बता दें कि यह हमला ऐसे समय हुआ जब अमेरिका ने लगातार नौवीं बार रात को ईरान के ठिकानों पर हमले किए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अल-सुबिया प्लांट से उठता हुआ काला धुआं और आग की लपटें दिखाई दे रही हैं। ये वीडियो ओपन सोर्स इंटेल समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा शेयर किए गए हैं।
वहीं, ईरान के इस हमले पर कुवैत की सेना ने कहा कि उन्होंने दिन भर देश के हवाई क्षेत्र में दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोनों को रोका।
Footage from the Al-subiya Kuwaiti power station and water desalination plant struck by Iran today. pic.twitter.com/FelPIe4lWN
— Open Source Intel (@Osint613) July 19, 2026
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने एक बयान में कहा, “आज सुबह से ही सशस्त्र बलों ने कुवैत के हवाई क्षेत्र में दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का पता लगाया है, जिन्हें रोककर बेअसर कर दिया गया है।”
उन्होंने आगे कहा कि “ईरान की निंदनीय आक्रामकता देश में आम नागरिकों और जरूरी सुविधाओं को निशाना बना रही है।” उन्होंने बताया कि बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से जुड़े कुछ ठिकानों पर हमले किए गए, जिससे वहां आग लग गई और भारी नुकसान हुआ।
इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ नए दौर के हमलों की घोषणा की। CENTCOM ने X पर कहा, “उसने आज शाम 7 बजे (ET) ईरान के खिलाफ लगातार नौवीं रात नए हमले शुरू किए। ये हमले ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना जारी रखेंगे जिनका इस्तेमाल होर्मुज (Strait Of Hormuz) से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और आम नागरिकों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।”
मरीन वन से रवाना होने से पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हालिया हमले उस संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की याद में किए गए थे।
ट्रंप ने कहा, “हमने आज रात फिर उन पर जोरदार हमला किया।” उन्होंने बताया कि ये हमले हाल के दिनों में मध्य पूर्व में मारे गए तीन अमेरिकी सैनिकों के “सम्मान में” किए गए थे।
बता दें कि यह ताजा हमला ऐसे समय हुआ है, जब इससे पहले शुक्रवार और शनिवार को भी कुवैत के बिजली और डिसेलिनेशन प्लांट्स पर हमलों की खबर सामने आई थी।
कुवैत, जो अपनी पानी की सप्लाई के लिए बड़े पैमाने पर खारे पानी को मीठा बनाने की प्रक्रिया (डिसैलिनेशन) पर निर्भर है, तेहरान द्वारा खाड़ी देश में अमेरिकी सेना की मौजूदगी से जुड़ी सुविधाओं को संभावित टारगेट के तौर पर पहचाने जाने के कारण अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते टकराव में फंसता जा रहा है।
यह तनाव ऐसे समय और गहरा गया है, जब जून में अमेरिका और ईरान के बीच बनी अस्थायी युद्धविराम की उम्मीदें कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। हाल के दिनों में दोनों देशों ने क्षेत्र में ऊर्जा और परिवहन से जुड़े ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं।
यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में जंग का बढ़ा खतरा, ईरान ने जॉर्डन पर दागीं मिसाइलें… इजरायल ने दी चेतावनी

