
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के एक बयान से नई बहस शुरू हो गई है। उन्होंने ‘भारत माता’ की अवधारणा को लेकर कहा कि इसका उल्लेख शास्त्रों में नहीं मिलता और यह संघ (RSS) की कल्पना है। शंकराचार्य के इस बयान के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
‘भारत माता’ की अवधारणा पर उठाए सवाल
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सनातन परंपरा और शास्त्रों में जिन देवी-देवताओं का वर्णन मिलता है, उनमें ‘भारत माता’ का उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘भारत माता’ की कल्पना आधुनिक समय में विकसित हुई है और इसका शास्त्रीय आधार नहीं है।
संतों के स्थानों पर भारत माता की तस्वीरों को लेकर सवाल
भारत माता नाम की कोई देवी नही है । केवल चन्दा ही नहीं भगवान की मूर्ति भी चोरी की गई । pic.twitter.com/H2dTCtFepR
— 1008.Guru (@jyotirmathah) July 19, 2026
शंकराचार्य ने संतों के आश्रमों और धार्मिक स्थलों पर भगवान श्रीराम और तिरंगे से बड़ी ‘भारत माता’ की तस्वीरें लगाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर देवी-देवताओं की परंपरागत मान्यता और स्थान का ध्यान रखा जाना चाहिए।
ALSO READ: अमेरिका का ईरान पर नया हमला, IRGC की गोलीबारी में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बढ़ा तनाव
RSS पर साधा निशाना
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने कार्यालयों में भगवान श्रीराम की तस्वीर नहीं लगाते, वे अयोध्या में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में प्रतिक्रिया आने की संभावना है।

