यामल बनाम एमबाप्पे, क्या स्पेन रोक पाएगा फ्रांस के विश्वकप फाइनल जाने का सिलसिला?

फीफा विश्वकप में फ्रांस की टीम बेहतरीन दिखाई दी है। अगर सेनेगल का मैच हटा दे तो हर मैच में टीम का दबदबा रहा है। वहीं स्पेन की बात करें तो टीम ने सातवें मुकाबले में अपना पहला गोल खाया था। मतलब मंगलवार को पहले सेमीफाइनल का मुकाबला बेहतरीन आक्रमण पंक्ति और सुदृढ रक्षात्मक पंक्ति के बीच होगा।

फ्रांस एमबाप्पे के प्रदर्शन के कारण लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचा अगर वह फाइनल जीत जाता है तो लगातार 3 बार फाइनल पहुंचने वाली टीम भी वह बन जाएगा। फ्रांस ने 2022 में अर्जेंटीना से हारने से पहले रूस में खेले गए विश्वकप में क्रोएशिया को मात देकर खिताब पाया था।

लेकिन इस बार उसके सामने खड़ी है स्पेन जो कई मौकों पर फ्रांस के सामने बड़े मुकाबले में आकर खड़ी हो जाती है। इन दोनों टीमों का मुकाबला अक्सर टूर्नामेंट के ऐसे ही मोड़ पर होता है।फ्रांस जब विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में स्पेन का सामना करेगा तो दिग्गज खिलाड़ी किलियन एमबाप्पे और युवा स्ट्राइकर लामिन यामल के बीच रोचक जंग देखने को मिल सकती है।

फ्रांस और स्पेन किसी बड़ी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में फिर से आमने-सामने होंगे। यह दोनों टीम दो साल पहले यूरोपीय चैंपियनशिप में एक दूसरे से भिड़ी थीं।स्पेन ने उस मैच में 2-1 से जीत हासिल की थी। उस मैच में यामल ने गोल किया था जो तब 16 वर्ष के थे। स्पेन ने फाइनल में इंग्लैंड को हराकर यूरो कप का खिताब अपने नाम किया।

नाक में चोट लगने के बाद एमबाप्पे उस टूर्नामेंट में खास कमाल नहीं दिखा पाए थे जबकि माइकल ओलिस और डेसिरे डोए जैसे उभरते सितारों को अभी सफलता हासिल करनी बाकी थी।दो साल बाद फ्रांस को मौजूदा विश्व कप की सबसे प्रभावशाली टीम माना जा रहा है जिसकी अग्रिम पंक्ति में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। सबकी निगाह हालांकि एमबाप्पे पर टिकी रहेगी जिन्होंने अभी तक टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से सर्वाधिक गोल किए हैं।

स्पेन को टूर्नामेंट में आने से पहले यामल और साथी विंगर निको विलियम्स की चोटों से जूझना पड़ा। स्पेन को पिछले दो दौर में पुर्तगाल और बेल्जियम को हराने के लिए स्थानापन्न खिलाड़ी मिकेल मेरिनो के अंतिम क्षणों में किए गए गोल पर निर्भर रहना पड़ा।विश्व कप या यूरो कप में ये दोनों देश कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। यूरो कप 1984 के फाइनल में फ्रांस ने स्पेन को हराया था।