
छत्तीसगढ़ की लोकगायन परंपरा की अमर आवाज और पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहीं तीजन बाई के निधन से लोककला जगत ने अपनी सबसे बुलंद आवाज खो दी। रायपुर के एम्स अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
पद्मश्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण से सम्मानित
भारतीय लोक कला में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। तीजन बाई ने अपनी सशक्त आवाज, प्रभावशाली अभिनय और अनोखी प्रस्तुति शैली सेपंडवानी को देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक नई पहचान दिलाई। महाभारत की कथाओं को मंच पर जीवंत करने की उनकी कला ने उन्हें भारतीय लोक संस्कृति की सबसे प्रतिष्ठित कलाकारों में शामिल किया।

