2 गोल से दक्षिण कोरिया को हराकर चक दे गर्ल्स पहुंची एशियाई खेलों के फाइनल में

दक्षिण कोरिया को एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में 2 -0 से हराने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने भारतीय दल के लिए एक और पदक पक्का कर लिया है। भारतीय टीम ने इस साल विश्वकप में पांचवा पायदान मिला था, इस लिहाज से उम्मीद रहेगी कि भारतीय महिला हॉकी टीम फाइनल जीतकर ना केवल स्वर्ण पदक लाए बल्कि लॉस एंजलिस ओलंपिक्स में स्वत प्रवेश ले।

यह लम्हा भारतीय महिला हॉकी के लिए खास रहा क्योंकि करीब 8 साल बाद भारतीय हॉकी टीम ने एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाई थी। साल 2022 के हांगजाऊ में हुए  एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रही थी और क्वालिफायर में जापान से हारकर ओलंपिक कोटा पाने में भी महरूम रह गई थी।

भारत के लिये इशिका ने 44वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया जबकि चार मिनट बाद कप्तान सलीमा टेटे ने गोल दागा।
पहला हाफ गोलरहित बराबर रहने के बाद भारत ने तीसरे क्वार्टर में बढ़त बनायी। 44वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से यह सफलता मिली। एक वेरिएशन के तहत दीपिका सहरावत ने इंजेक्टर इशिका को गेंद दी, जिन्होंने पहली ही कोशिश में गोलकीपर को छकाते हुए भारत को बढ़त दिला दी। भारत ने चार मिनट बाद अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। 48वें मिनट में कप्तान सलीमा टेटे ने एक लूज़ बॉल पकड़ी और सर्कल में तेज़ी से आगे बढ़ीं, फिर गेंद को सेंटर की ओर भेजा; गेंद कोरियाई डिफेंडर की स्टिक से टकराकर नेट में चली गई। एशियाई खेलों में महिला हॉकी फ़ाइनल में भारत का यह चौथा मौका होगा।

भारत का सामना अब मौजूदा चैम्पियन चीन से होगा जिसने हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में उसे सेमीफाइनल में 4-0 से हराया था।चीन ने दूसरे सेमीफाइनल में जापान को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से मात दी।

भारत और चीन का सामना पिछले महीने नीदरलैंड में एफआईएच विश्व कप के ग्रुप मैच में हुआ था जिसमें भारत ने उसे 2-2 से ड्रॉ पर रोका था। भारतीय टीम विश्व कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन करके पांचवें स्थान पर रही थी जो 1974 के बाद उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने सिर्फ एक बार दिल्ली में 1982 में स्वर्ण पदक जीता था जब पहली बार महिला हॉकी को इन खेलों में शामिल किया गया। पिछली बार भारत ने कांस्य जीता और 2018 में रजत पदक जीता था।