10 things about Nautapa: नौतपा से जुड़ी 10 खास बातें

Picture giving information about the days of Nautapa

Summer Health Care: गर्मियों का सबसे तपता दौर यानी नौतपा भारतीय मौसम और लोकमान्यताओं में बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में सूर्य की तपिश अपने चरम पर होती है, जिससे धरती खूब गर्म होती है और आगे चलकर मानसून मजबूत बनता है। ग्रामीण जीवन, खेती-किसानी और मौसम विज्ञान- तीनों में नौतपा का विशेष महत्व बताया गया है।ALSO READ: नौतपा की 'आग' उगलती गर्मी से कैसे बचें? ये 5 सावधानियां और 10 गोल्डन रूल्स बदल देंगे आपका समर गेम!

आइए जानते हैं नौतपा से जुड़ी 10 खास बातें, जो इसे सामान्य गर्मी से अलग बनाती हैं।

 

1. सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा की शुरुआत मानी जाती है।

 

2. नौतपा के शुरुआती नौ दिन साल के सबसे गर्म दिनों में गिने जाते हैं।

 

3. इस दौरान सूरज की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे गर्मी अधिक बढ़ जाती है।

 

4. खाली पेट धूप में निकलना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए कुछ खाकर ही बाहर जाएं।

 

5. शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के लिए समय-समय पर ग्लूकोज या इलेक्ट्रोलाइट्स लेते रहें।

 

6. मान्यता है कि नौतपा अच्छी तरह तपे तो मानसून में अच्छी बारिश होती है।

 

7. लू लगने के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या घरेलू उपाय अपनाएं।

 

8. एसी से सीधे तेज धूप में निकलने से बचें, इससे शरीर पर अचानक असर पड़ सकता है।

 

9. इन दिनों पेय पदार्थों और पानी की मात्रा सामान्य दिनों से ज्यादा रखें।

 

10. जिन लोगों को गर्मी अधिक परेशान करती है, वे हाथ-पैरों और सिर पर मेहंदी लगाकर शरीर को ठंडक दे सकते हैं।

 

नौतपा की तेज गर्मी में थोड़ी सी सावधानी आपको लू, डिहाइड्रेशन और थकावट जैसी समस्याओं से बचा सकती है। सही खानपान, पर्याप्त पानी और धूप से बचाव के उपाय अपनाकर आप इस मौसम में आसानी से सेहत संबंधी परेशानियों से बच सकते हैं।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Nautapa 2026: 25 मई से नौतपा: भीषण गर्मी के दिन, जानें महत्व, पर्यावरण और सेहत पर प्रभाव

 

अगर आप भी देर तक मोबाइल देखते हैं तो जान लें ये नुकसान

smartphone side effects: आज का डिजिटल युग (Digital Age) हमें कई तरह की तकनीकी सुविधाएं दे रहा है, और मोबाइल (Mobile)  इसका सबसे बड़ा हिस्सा बन गया है। स्मार्टफोन ने हमारी जिंदगी आसान बना दी है, लेकिन इसके अत्यधिक उपयोग या देर तक मोबाइल देखने की आदत हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी साबित हो सकती है।ALSO READ: Summer health tips: लू और डिहाइड्रेशन से बचाने वाले 10 घरेलू पेय और हेल्थ टिप्स

 

आजकल लोग सोशल मीडिया, वीडियो, गेमिंग और काम के लिए घंटों मोबाइल स्क्रीन पर रहते हैं। ऐसा करने से सिर्फ आंखों और नींद पर असर नहीं पड़ता, बल्कि  मानसिक स्वास्थ्य, शरीर की मांसपेशियां और हड्डियां भी प्रभावित हो सकती हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते हैं कि डिजिटल युग में मोबाइल का संतुलित उपयोग करना बेहद जरूरी है।

 

1. आंखों की रोशनी पर बुरा असर

2. अनिद्रा और खराब स्लीप साइकिल

3. 'टेक्स्ट नेक' और गर्दन में दर्द

4. मानसिक स्वास्थ्य और तनाव

5. याददाश्त और एकाग्रता में कमी 

6. बचाव के लिए क्या करें?

7. मोबाइल-FAQ
 

यहां वेबदुनिया के सुधि पाठकों के लिए देर तक मोबाइल देखने से होने वाले 5 बड़े नुकसान दिए जा रहे हैं:

 

1. आंखों की रोशनी पर बुरा असर

मोबाइल की स्क्रीन से निकलने वाली 'ब्लू लाइट' (Blue Light) सीधे हमारी आंखों के रेटिना को प्रभावित करती है। अत: लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखें शुष्क हो जाती हैं, उनमें जलन और धुंधलापन होने लगता है। जिससे कि कम उम्र में ही चश्मा लग जाना और भविष्य में मोतियाबिंद जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।

 

2. अनिद्रा और खराब स्लीप साइकिल

आपको बता दें कि सोने से ठीक पहले मोबाइल देखना आपकी नींद का सबसे बड़ा दुश्मन है। इससे निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर में मेलाटोनिन/ Melatonin नामक हार्मोन को बनने से रोकती है, जो हमें नींद आने में मदद करता है। इससे नींद पूरी न होने से अगले दिन चिड़चिड़ापन, थकान और काम में एकाग्रता की कमी महसूस होती है तथा सेह‍त को खतरा महसूस होने लगता है।ALSO READ: health care tips: खून गाढ़ा होने के प्रमुख लक्षण, रोग, कारण और उपचार

 

3. 'टेक्स्ट नेक' और गर्दन में दर्द

साथ ही आपको यह जानना भी बहुत जरूरी है कि जब आप मोबाइल देखते हैं, तो आपकी गर्दन अक्सर झुकी हुई होती है। और इस तरह गर्दन झुकाने से रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसे डॉक्टर्स 'टेक्स्ट नेक सिंड्रोम' कहते हैं। जिसके कारण गर्दन, कंधों और पीठ में दर्द शुरू हो जाता है, जो आगे चलकर स्पॉन्डिलाइटिस का रूप ले सकता है।

 

4. मानसिक स्वास्थ्य और तनाव

सोशल मीडिया पर दूसरों की चमक-धमक वाली जिंदगी देखना और लगातार नोटिफिकेशन चेक करना हमारे दिमाग को शांत नहीं रहने देता। इसी वजह से देर तक मोबाइल देखने से दिमाग हमेशा अत्यधिक उत्तेजित रहता है। इससे एंग्जायटी, डिप्रेशन और अकेलेपन की भावना बढ़ सकती है। बच्चों में यह लत उनके मानसिक विकास को रोक देती है।

 

5. याददाश्त और एकाग्रता में कमी

मोबाइल पर लगातार 'रील्स' या छोटे वीडियो देखने से हमारे दिमाग की अटेंशन स्पैन यानी किसी चीज पर ध्यान लगाने की क्षमता कम हो रही है। जैसा कि दिमाग को कम समय में ज्यादा जानकारी की आदत हो जाती है, जिससे गहरी सोच और याद रखने की क्षमता कम होने लगती है। इससे आप रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भूलने लगते हैं और निर्णय लेने में कठिनाई महसूस करते हैं।

 

6. बचाव के लिए क्या करें?

20-20-20 का नियम: हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर रखी किसी चीज को देखें।

 

स्क्रीन टाइम लॉक: रात को सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल को खुद से दूर रख दें।

 

नाइट मोड: अगर बहुत जरूरी हो, तो फोन में 'रीडिंग मोड' या 'ब्लू लाइट फिल्टर' का इस्तेमाल करें।

 

डिजिटल डिटॉक्स: हफ्ते में एक दिन कुछ घंटों के लिए मोबाइल को पूरी तरह बंद रखने की कोशिश करें।

 

7. मोबाइल-FAQ:

 

1. सवाल: मोबाइल देर तक देखने से आंखों पर क्या असर पड़ता है?

जवाब: आँखों में थकान, ड्रायनेस और स्ट्रेन हो सकता है।

 

2. सवाल: नींद पर इसका क्या असर है?

जवाब: नीली रोशनी मेलनिन हार्मोन को प्रभावित करती है, जिससे नींद की गुणवत्ता घटती है।

 

3. सवाल: इसे कम करने के लिए क्या किया जा सकता है?

जवाब: मोबाइल ब्रेक लेना, रात में स्क्रीन टाइम कम करना और ब्लू लाइट फिल्टर का उपयोग करना मदद करता है।

 

4. सवाल: क्या मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है?

जवाब: ज्यादा समय मोबाइल पर बिताने से स्ट्रेस, चिंता और ध्यान की समस्या बढ़ सकती है।

स्मार्टफोन को 'स्मार्टली' इस्तेमाल करें, इसे अपनी सेहत पर हावी न होने दें।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: डॉक्टर बोले: रोज 10 मिनट चलने से कम हो सकती हैं ये बीमारियां