इस फंड ने 10 साल में 10 हजार के मंथली निवेश को 33.87 लाख रुपये बनाया

एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी का मिडकैप फंड अपने 20वें साल में प्रवेश कर लिया है। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। इस स्कीम के डायरेक्ट प्लान के ग्रोथ ऑप्शन ने बीते 20 सालों में करीब 20 फीसदी कंपाउंडेंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से रिटर्न दिया है। लंबी अवधि में इतना ज्यादा रिटर्न बहुत कम फंडों ने दिया है।

एक लाख का निवेश 10 साल में 5.68 लाख बना

अगर आपने इस स्कीम में 10 साल पहले एक लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 5.68 लाख रुपये हो गया होता। अगर आपने इस स्कीम में 10 साल पहले मंथली 10,000 रुपये का निवेश शुरू किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 33,87,433 लाख रुपये हो गया होता।

फंड मिडकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है

यह फंड मुख्य रूप से मिडकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है। मिडकैप कंपनियों में लंबी अवधि में ग्रोथ की संभावना लॉर्जकैप कंपनियों के मुकाबले ज्यादा होती है। हालांकि, मिडकैप शेयरों में लार्जकैप के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखता है। एनालिस्ट्स का कहना है कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार हो रहा है। घरेलू कंजम्प्शन बढ़ रहा है। ऐसे में मिडकैप कंपनियों की ग्रोथ की अच्छी संभावना है।

निवेश में बॉटम-अप स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल

एचडीएफसी मिडकैप स्कीम के डिसक्लोजर के मुताबिक, यह फंड निवेश में बॉटम-अप स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करता है। स्कीम का फोकस उन मिडकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश पर होता है, जिनका बिजनेस मॉडल ठोस है, मैनेजमेंट अच्छा है, बाजार में कॉम्पटिटिव पोजीशन है और वैल्यूएशन सही है। इस स्कीम का एयूएम 31 मई, 2026 को 97,350 करोड़ रुपये था।

लंबी अवधि में शानदार रिटर्न जेनरेट करना मकसद

एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नवनीत मुनोत ने कहा कि इस मिडकैप फंड का मकसद लंबी अवधि में इनवेस्टर्स के लिए शानदार रिटर्न जेनरेट करना है। इस स्कीम के फंड मैनेजर चिराग सितलवाड़ हैं। उन्हें निवेश का व्यापक अनुभव है। एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी के कई फंडों ने लंबी अवधि में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए हैं।

यह भी पढ़ें: SEBI में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर बनने का मौका, जानिए सैलरी, एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और दूसरी शर्तें

क्या आपको निवेश करना चाहिए?

फाइनेंशियल एडवाइजर का कहना है कि इनवेस्टर्स लंबी अवधि के लिए मिडकैप फंड्स में निवेश कर सकते हैं। इसकी वजह यह है कि लंबी अवधि में शेयरों के रिटर्न पर उतार-चढ़ाव का ज्यादा असर नहीं पड़ता है। मिडकैप कंपनियों की ग्रोथ की संभावना अच्छी होती है। कई मिडकैप कंपनियां बाद में लार्जकैप कैटेगरी में आ जाती है। हालांकि, किसी फंड के पिछले रिटर्न को भविष्य में उसके रिटर्न की गारंटी नहीं माना जा सकता। अगर आप इस फंड में निवेश करना चाहते हैं तो आपको अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय लेनी चाहिए।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।