भरपूर लाभ के लिए रोज करें मंडूकासन; जानिए इसे करने का सही तरीका

Mandukasana Method

'मंडूक' का सीधा सा मतलब है मेंढक। जब आप इस योग की अंतिम मुद्रा में होते हैं, तो आपके शरीर का आकार एक बैठे हुए मेंढक जैसा दिखाई देता है, बस इसीलिए इसे मंडूकासन (Frog Pose) कहा जाता है। वैसे तो इसे करने के कई तरीके हैं, लेकिन सबसे पॉपुलर और असरदार तरीका नीचे दिया गया है।

 

स्टेप-बाय-स्टेप गाइड (The Right Method)

स्टार्टिंग पोजीशन: सबसे पहले दंडासन (पैरों को सीधा फैलाकर) में बैठें और फिर घुटनों को मोड़कर वज्रासन की मुद्रा में आ जाएं।

मुद्रा बनाएं: अब अपने दोनों हाथों की मुट्ठियां बंद करें। ध्यान रहे, मुट्ठी बंद करते समय अंगूठा उंगलियों के अंदर दबा होना चाहिए।

पोजीशन लॉक करें: इन बंद मुट्ठियों को अपनी नाभि (Navel) के दोनों तरफ सेट करें।

फाइनल मूव: एक गहरी सांस छोड़ते हुए (Exhale) धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और अपनी ठोड़ी (Chin) को जमीन से टिकाने की कोशिश करें। कुछ सेकंड इसी पोजीशन में होल्ड करें, फिर सांस लेते हुए वापस नॉर्मल वज्रासन में आ जाएं।

 

काउंटर पोज (विपरीत आसन) क्यों है जरूरी?

योग का नियम कहता है कि आगे झुकने वाले आसन के बाद पीछे झुकने वाला आसन जरूर करना चाहिए ताकि बॉडी का बैलेंस बना रहे। मंडूकासन के बाद आप अपने योग एक्सपर्ट की सलाह से ऊष्ट्रासन (Camel Pose) या विपरीत नौकासन कर सकते हैं।

 

कितनी बार करें? (Frequency)

आम लोगों के लिए: इस आसन को रोजाना 2 बार दोहराना काफी है।

डायबिटीज मरीजों के लिए: शुगर कंट्रोल करने के लिए इसका अभ्यास 3 से 4 बार तक किया जा सकता है।

 

अलर्ट: कब और किसे बचना है? (Precautions)

नो-गो जोन: अगर पेट का कोई सीरियस ऑपरेशन या गंभीर बीमारी हो, तो इसे बिल्कुल न करें।

विशेष सलाह: स्लिप डिस्क, ऑस्टियोपॉरोसिस या भयंकर कमर दर्द के मरीज इसे बिना योग थेरेपिस्ट की देखरेख के ट्राई न करें।

प्रो-टिप: झुकते समय ध्यान रखें कि आपकी मुट्ठियां नाभि के आस-पास एकदम सही जगह पर फिक्स हों।

 

अल्टीमेट बेनिफिट्स (यह शरीर पर कैसे काम करता है?)

डायबिटीज में रामबाण: यह आसन आपके पैनक्रियाज (अग्न्याशय) को एक्टिव कर देता है, जिससे इंसुलिन का बैलेंस सुधरता है। शुगर के मरीजों के लिए यह बेहद फायदेमंद है।

डाइजेशन का पावरहाउस: पेट की आम समस्याएं जैसे गैस, कब्ज, एसिडिटी, अपच और भूख न लगने की शिकायत को यह चुटकियों में दूर करता है।

इंटरनल ऑर्गन्स का डीटॉक्स: इस आसन के दबाव से आमाशय, लिवर, किडनी, छोटी-बड़ी आंत, गॉलब्लैडर और रीप्रोडक्टिव ऑर्गन्स की डीप मसाज हो जाती है, जिससे उनकी वर्किंग कैपेसिटी बढ़ जाती है।

हार्ट और बेली फैट: यह आपके दिल (Heart) की सेहत को दुरुस्त रखता है और पेट की चर्बी को टोन करने में भी मदद करता है।