पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को शुक्रवार को उनके पद से हटा दिया गया। फिलहाल वे हाउस अरेस्ट में हैं। सीनेट के 44 सदस्यों ने पेना को पद से हटाने के पक्ष में सर्वसम्मति से वोट दिया। देश के एक बड़े बैंक यूएनो के डूबने के बाद पेना के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। उन पर पद पर रहते हुए गलत काम करने का आरोप लगाया गया है। बैंक के डूबने से करीब 30 लाख ग्राहक प्रभावित हुए हैं। तीन दिन पहले नियामक एजेंसियों ने यूएनो बैंक को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद ग्राहकों की जमा पूंजी और बैंक कार्ड का इस्तेमाल बंद हो गया। इससे देश में राजनीतिक संकट खड़ा हो गया। जांच पूरी होने तक घर में रहेंगे पेना पेना को उनके घर में ही हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है। उन्हें आर्थिक अपराध और भ्रष्टाचार विरोधी इकाई के सामने पेश किए जाने तक घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। इस आदेश में पूर्व केंद्रीय बैंक प्रमुख कार्लोस कार्वालो की गिरफ्तारी के निर्देश भी दिए गए हैं। कार्वालो को पेना ने ही नियुक्त किया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कार्वालो को गिरफ्तार किया गया है या नहीं। सांसदों ने आरोप लगाया कि पेना ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर सरकारी धन के सैकड़ों मिलियन डॉलर यूएनो बैंक में जमा करवाए। आरोप है कि इस दौरान नियामक एजेंसियों ने बैंक के जोखिम भरे इनसाइडर लोन पर ध्यान नहीं दिया। उपराष्ट्रपति पेद्रो अलीआना ने राष्ट्रपति पद संभाला पेना को हटाए जाने के बाद उपराष्ट्रपति पेद्रो अलीआना ने शुक्रवार को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। वे अगस्त 2028 तक बचा हुआ कार्यकाल पूरा करेंगे। उनके सामने बैंक के ग्राहकों का पैसा लौटाने और बैंक के डूबने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की चुनौती है। 52 साल के अलीआना लंबे समय से सत्ता में रही कंजर्वेटिव कोलोराडो पार्टी के नेता हैं। वे देश के दक्षिणी प्रांत ञीम्बुकू के पूर्व गवर्नर और निचले सदन के पूर्व स्पीकर रह चुके हैं। बैंक के डूबने से पैराग्वे में राजनीतिक संकट गहराया यूएनो बैंक के डूबने से पैराग्वे एक दशक से ज्यादा समय के सबसे बड़े राजनीतिक संकट में फंस गया है। मंगलवार को नियामक एजेंसियों ने बैंक को कब्जे में लिया। इसके बाद राष्ट्रपति सैंटियागो पेना ने इस्तीफे की पेशकश की। उनकी पार्टी भी उनके खिलाफ हो गई और सरकार के चार वरिष्ठ अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। विरोध की अगुआई पूर्व राष्ट्रपति और कोलोराडो पार्टी प्रमुख होरासियो कार्तेस ने की। वे पेना के राजनीतिक गुरु रहे हैं। कार्तेस ने ही उन्हें वित्त मंत्री बनाया था और राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन दिया था। हालांकि, राष्ट्रपति बनने के बाद पेना ने अपना अलग राजनीतिक आधार तैयार करना शुरू कर दिया था। सरकारी पैसे से तेजी से बड़ा हुआ बैंक यूएनो कुछ वर्षों में पैराग्वे का पांचवां सबसे बड़ा बैंक बन गया था। इसमें 80 करोड़ डॉलर से ज्यादा सरकारी पैसा जमा था। सांसदों का आरोप है कि पेना ने सरकारी पेंशन फंड के 35.5 करोड़ डॉलर बैंक में जमा कराए, जो कानूनी सीमा से ज्यादा थे। पेना पर यूएनो की होल्डिंग कंपनी में हिस्सेदारी रखने और बैंक के पूर्व अधिकारी को केंद्रीय बैंक का प्रमुख नियुक्त करने के भी आरोप हैं। विश्लेषकों के मुताबिक, राजनीतिक संबंधों के कारण बैंक को नियामक जांच में ढील मिली। ग्राहकों के खाते फंसे, पैसा लौटना शुरू बैंक के डूबने से ग्राहक अपने खाते से पैसे नहीं निकाल सके और कार्ड से खरीदारी भी बंद हो गई। यूएनो के मुताबिक, 10 लाख से ज्यादा लोगों ने इसी बैंक में अपना पहला खाता खोला था। गुरुवार से उन ग्राहकों को पैसा लौटाना शुरू हुआ, जिनके खाते में 1 करोड़ गुआरानी (करीब 1,600 डॉलर) तक जमा हैं। बैंक में करीब 37 हजार डॉलर तक की जमा राशि का बीमा है। बैंक मालिक समेत 27 लोगों पर केस बैंक के नियंत्रक शेयरधारक मिगेल वास्केज समेत 27 लोगों पर विश्वासघात और धोखाधड़ी की कोशिश के आरोप में केस दर्ज किया है। बैंक के 6 निदेशक हिरासत में हैं। अधिकारियों ने वास्केज के घर से 9 लग्जरी कारें, एक यॉट और छोटे विमान जब्त किए हैं। ——————————–

