
आसमान में मौत का साया और कॉकपिट के अंदर जिंदगी की जंग! दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान (FZ1073) में जो हुआ, उसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। ओमान के सह-पायलट के खूनी हमले और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, गुजरात के जांबाज भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, उसने विमान में सवार 180 से अधिक लोगों की जिंदगी बचा ली। इस अद्भुत बहादुरी ने एक बड़े विमान हादसे को टाल दिया है, जिसके बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू तक, हर कोई इस भारतीय ‘हीरो’ की तारीफ कर रहा है।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
कैप्टन स्मित मच्छार मूल रूप से भारत के गुजरात से हैं। फ्लाईदुबई से पहले स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। यहां उन्होंने 9500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6400 घंटे से ज्यादा समय विमान के मुख्य पायलट यानी पायलट-इन-कमांड के तौर पर था। जून 2022 में उन्होंने फ्लाई दुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9750 घंटे उड़ान भरी है। इसके अलावा वे पायलटों की ट्रेनिंग, उनकी जांच और उन्हें काम के दौरान गाइड करने का काम भी करते थे। ALSO READ: भारतीय पायलट ने दिखाई बहादुरी, फ्लाईदुबई विमान में को-पायलट से भिड़कर 180 से ज्यादा लोगों की जान बचाई
ओमान का नागरिक था को-पायलट
इजरायली मीडिया के मुताबिक, को-पायलट ओमान का नागरिक था और उस पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश का संदेह है। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। विमान ने वहां सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग की। इजरायली अधिकारियों की ओर से घटना को संभावित आतंकवादी हमले के तौर पर भी देखा जा रहा है, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है। अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि कॉकपिट में विवाद किस वजह से शुरू हुआ और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ। ALSO READ: Dubai-Tel Aviv Flight News : दुबई की फ्लाइट में आखिर क्या हुआ, लड़ाकू विमान भेजे गए, सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग, यात्रियों ने सुनाई खौफभरी कहानी
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। सबसे गंभीर खतरे का सामना करते हुए और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए अत्यधिक साहस और अटूट दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। उनकी बहादुरी ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़े हादसे को टालने में मदद की। भारत को कैप्टन मच्छड़ पर गर्व है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने, नई ताकत और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहा हूं।
Captain Smit Machchhar is a HERO.
In the face of the gravest danger and despite being seriously injured, he showed immense courage and an unwavering resolve to protect the lives of others.
His valour helped save hundreds of lives and avert a great tragedy.
India is proud of…
— Narendra Modi (@narendramodi) October 1, 2026
पीएम नेतन्याहू ने की कैप्टन पायलट और क्रू मेंबर्स की प्रशंसा
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विमान में सवार लोगों की जान बचाने वाले कैप्टन, यात्रियों और क्रू सदस्यों की तारीफ करते हुए कहा कि वह इन हीरोज को सलाम करते हैं। उन्होंने पूरी घटना को बेहद गंभीर सुरक्षा घटना बताया। उन्होंने दावा किया कि को-पायलट का इरादा विमान को नुकसान पहुंचाने का था। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब के अधिकारी संदिग्ध पायलट से पूछताछ कर रहे हैं। घटना के बाद नेतन्याहू ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और मिलिट्री सेक्रेटरी के साथ इमरजेंसी बैठक भी की। ALSO READ: FlyDubai Flight Emergency: कॉकपिट में भिड़े दो पायलट, अपहरण की अफवाह पर इजरायली लड़ाकू विमानों ने कराई सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग
My salute to the Indian pilot Captain Smit Machchhar for his extraordinary bravery.
Despite being stabbed and seriously injured, he fought back, resisted, opened the cockpit door, and enabled passengers and crew to overpower the attacker — preventing a catastrophic mid-air…
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) September 30, 2026
ट्रंप ने भी बताया हीरो
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी स्मित मच्छार की बहादुरी की जमकर सराहना करते हुए हीरो बताया। उन्होंने कहा कि पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद के लिए आवाज लगाई और विमान को बचाने में अहम भूमिका निभाई। ट्रंप ने इस घटना के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की थी। नेतन्याहू ने उन्हें बताया कि पायलट ने विमान को क्रैश होने से बचाने के लिए बेहद मुश्किल हालात में हस्तक्षेप किया।


