
Congress Nationwide Protest: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के करारे हमले के ठीक 24 घंटे बाद कांग्रेस ने पूरे देश में चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार (25 सितंबर) को देश के कोने-कोने में प्रदर्शन देखने को मिला।
सड़कों पर उतरा जनसैलाब
चुनाव आयोग के भीतर तानाशाही और मनमानी के आरोपों को लेकर कांग्रेस का गुस्सा फुट पड़ा है। ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोपों के बीच सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के तेवर बेहद उग्र नजर आए। दिल्ली के लुटियंस जोन से लेकर बिहार, असम और पंजाब की सड़कों तक एक ही गूंज सुनाई दी, ‘वोट चोरों को बख्शा नहीं जाएगा, सबका हिसाब होगा!’ जगह-जगह हाथों में काली तख्तियां और बैनर थामे हजारों कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला आग के हवाले किया। ALSO READ: ज्ञानेश तुरंत दें इस्तीफा…राहुल गांधी ने कहा- मोदी और शाह की भी जांच कराएंगे
CEC ज्ञानेश कुमार ने ‘वोट चोरी’ कर लोकतंत्र पर सीधा हमला किया है, जिसे माफ नहीं किया जा सकता।
ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
आज इसी मांग के साथ @INCUttarPradesh के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रभारी @AdvRajendraPal जी, प्रदेश अध्यक्ष @kashikirai जी… pic.twitter.com/h8XTEzqaEE
— Congress (@INCIndia) September 25, 2026
नई दिल्ली से लेकर पटना, गुवाहाटी, चंडीगढ़, कोलकाता और हैदराबाद तक सड़कों पर उतरे आक्रोशित कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़े, सीईसी का पुतला फूंका। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस की झड़प भी हुई। पटना में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। ALSO READ: ‘वोट चोरी देशद्रोह है…’, चुनाव आयोग और भाजपा पर भड़के राहुल गांधी,कहा- बख्शे नहीं जाओगे
गुवाहाटी में कांग्रेस नेता हिरासत में
हालांकि प्रदर्शन को रोकने के लिए कई राज्यों में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। असम में प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने जबरन खींचकर पुलिस वैन में डाला और हिरासत में ले लिया। पटना में राजभवन की ओर मार्च कर रहे आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। पार्टी ने साफ कर दिया है कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद नहीं छोड़ते और निष्पक्ष जांच के आदेश नहीं दिए जाते, तब तक सड़कों से लेकर संसद तक यह संग्राम थमने वाला नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने ज्ञानेश कुमार के एकतरफा और मनमाने फैसलों पर कम से कम 14 बार गंभीर आपत्ति जताई थी। कांग्रेस का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त दो अन्य आयुक्तों की आवाज़ को दबाकर चुनाव आयोग को सत्ताधारी दल की कठपुतली की तरह चला रहे हैं।


