कान्हा की नगरी में गूंजा कृष्ण नाम, जन्मभूमि से निकली भव्य श्रीकृष्णोत्सव शोभायात्रा, भक्तों का उमड़ा सैलाब

कान्हा की नगरी में गूंजा कृष्ण नाम, जन्मभूमि से निकली भव्य श्रीकृष्णोत्सव शोभायात्रा, भक्तों का उमड़ा सैलाब

कान्हा की नगरी मथुरा इन दिनों पूरी तरह कृष्ण भक्ति में डूबी हुई है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूर्व से पहले शहर की धड़कनों में भक्ति का उल्लास और गहरा होता जा रहा है। मंदिरों की भव्य सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और गलियों-चौराहों पर गूंजते राधे-कृष्णा के जयकारों के बीच आज श्रीकृष्ण जन्मस्थान से निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को कृष्णमय कर दिया।

 

शोभायात्रा में ब्रज की लोक संस्कृति, कला और परंपराओं को मनोहारी छटा दिखाई दी, मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालु और स्थानीय लोग देर तक कलाकारों की प्रस्तुतियों में रमते रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़े तो मानो ब्रज की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत सड़कों पर जीवंत हो उठी।

 

ढोल-मृदंग की थाप, लोक वाद्ययंत्रों की मधुर धुन और कलाकारों के मनमोहक नृत्य ने शोभायात्रा में चार चांद लगा दिए। संगीत की लय बढ़ी तो श्रद्धालुओं के कदम भी थिरकने लगे। कोई हाथ उठाकर जयकारे लगा रहा था तो कोई कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच भक्ति में झूमता नजर आया। पूरे मार्ग पर बार-बार 'राधे-राधे' और 'श्रीकृष्ण' के जयघोष गूंजते रहे।

 

सड़कें बनीं ब्रज संस्कृति का मंच

 

श्रीकृष्ण जन्मस्थान से आगे बढ़ी शोभायात्रा के दौरान ब्रज की समृद्ध लोक परंपराओं की विविध झलक देखने को मिली। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकारों की प्रस्तुतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने न केवल श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया, बल्कि ब्रज की सांस्कृतिक पहचान को भी सामने रखा।

 

जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालु कलाकारों की प्रस्तुतियों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनता दिखाई दिया। भक्ति और संस्कृति के इस मिलन ने शोभायात्रा को महज धार्मिक आयोजन न रहकर ब्रज की जीवंत विरासत का उत्सव बना दिया।

 

जन्माष्टमी के लिए सज रही कृष्ण की नगरी

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मथुरा-वृंदावन में तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। देश-दुनिया से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। प्रमुख मंदिरों, बाजारों और मार्गों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। रात होते ही रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए शहर का दृश्य देखते ही बन रहा है।

 

हर तरफ कान्हा के जन्मोत्सव को लेकर उत्सुकता है, मंदिरों में विशेष आयोजन की तैयारियां चल रही हैं तो बाजार भी श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सजकर तैयार हैं। कृष्ण भक्ति के गीतों और जयकारों से शहर का माहौल लगातार भक्तिमय होता जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट

 

इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वृंदावन पहुंचने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के आगमन और जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

 

प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि जन्माष्टमी के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और पर्व शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

 

हर ओर बस कृष्ण भक्ति का रंग

 

मथुरा में जन्माष्टमी का उल्लास अब केवल मंदिरों की चौखट तक सीमित नहीं है। शहर की गलियों से लेकर प्रमुख मार्गों तक हर जगह कृष्ण भक्ति की छटा दिखाई दे रही है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान से निकली श्रीकृष्णोत्सव शोभायात्रा ने इस उत्साह को नई ऊंचाई दे दी।

 

ब्रज की लोक संस्कृति से सजे कलाकार, ढोल-मृदंग की थाप पर थिरकते श्रद्धालु और गूंजते जयकारों के बीच ऐसा लगा मानो पूरी मथुरा नगरी स्वयं कान्हा के स्वागत में निकल पड़ी हो। जन्माष्टमी से पहले ही कान्हा की नगरी में उत्सव का रंग गहरा हो चुका है, हर ओर भक्ति है, हर कदम पर उल्लास है और हर जुबां पर बस एक ही नाम है..श्रीकृष्णा, श्रीकृष्णा।