
त्योहारों के मौसम बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। चीनी, चावल, दाल और तेल के बाद प्याज की कीमतों में भी भारी उछाल दिखाई दे रहा है। नासिक मंडी में एक माह में प्याज के दाम लगभग 76 फीसदी बढ़ गए। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, दिल्ली और हरियाणा में भी प्याज के दाम दोगुना हो गए। ALSO READ: क्या अब सस्ती होगी चीनी, सरकार ने उठाया बड़ा कदम, यहां से आ रही शकर की खेप
कहां क्या है दाम?
नासिक मंडी में जुलाई में प्याज 2050 रुपए प्रति क्विंटल था। 23 अगस्त को इसकी कीमत बढ़कर 3600 रुपए पार हो गई। दिल्ली-NCR, मुंबई, कोलकाता जैसे बड़े महानगरों में प्याज 50-60 रुपये प्रति किलो के रेट पर बिक रहे हैं। भुवनेश्वर में प्याज की कीमतें 25-30 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 55-60 रुपए प्रति किलो हो गई हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 20 रुपए किलो वाला प्याज 40 किलो रुपए हो गया।
क्यों महंगा हुआ प्याज?
बताया जा रहा है कि प्याज अकसर अगस्त सितंबर में महंगा हो जाता है। इसकी एक वजह है कि रबी का प्याज बाजार में कम हो जाता है तौर खरीफ का प्याज बाजार में आ नहीं पाता। कमजोर मानसून की वजह से इस वर्ष खरीफ की फसलों की बुआई में देरी की वजह से भी ऐसा माना जा रहा है कि इस वर्ष प्याज ज्यादा रुलाएगा। ALSO READ: त्योहारों से पहले कड़वी हुई चीनी! खरगे बोले- 9 साल के निचले स्तर पर स्टॉक, सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
सुरक्षित बफर स्टॉक से उम्मीद
हालांकि महंगाई से परेशान जनता को प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए सरकार ने भी कमर कस ली है। कहा जा रहा है कि सितंबर से सरकार अपने सुरक्षित बफर स्टॉक से प्याज को मंडियों में उतार सकती है। इससे प्याज की कीमतों में कमी आएगी।
क्या सस्ती होगी चीनी?
देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच ब्राजील से आने वाली खेप राहत दे सकती है। NFCSF के प्रमुख प्रकाश नाइकनवारे ने कहा- चीनी की कुछ खेप 15 अक्टूबर से पहले भारत पहुंच सकती हैं, लेकिन इस समय यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि कितनी मात्रा में चीनी आएगी। देश में हर महीने करीब 22 लाख टन चीनी की खपत होती है।


