जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का केंद्र पर वादाखिलाफी का आरोप, 24 अगस्त को बैठक, फिर आंदोलन के संकेत

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का केंद्र पर वादाखिलाफी का आरोप, 24 अगस्त को बैठक, फिर आंदोलन के संकेत

abhijeet dipke at jantar mantar

जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चले प्रदर्शन को समाप्त करने के बाद द कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने रविवार को केंद्र सरकार से दबाव समूह के साथ किए गए वादों को पूरा करने की मांग की। संगठन ने केंद्र पर देश के युवाओं के साथ विश्वासघात करने और उनके भरोसे को तोड़ने का आरोप लगाया है।

 

CJP ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि सरकार ने शांतिपूर्ण आंदोलन खत्म कराने के लिए जो वादे किए थे, उन्हें अब पूरा किया जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि सड़कों से प्रदर्शन खत्म होने के बाद उन्हीं वादों से पीछे हटने की कोशिश करके सरकार को पूरी पीढ़ी का अपमान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बयान में कहा गया, “भारत के युवाओं से किया गया वादा अक्षरश: और उसकी भावना के अनुरूप पूरा किया जाना चाहिए।”

ALSO READ: आरक्षण किसी की मांग पर खत्म नहीं किया जा सकता, चिराग पासवान का बड़ा बयान

सरकार ने कोर्ट को अब तक नहीं दी सूची

 

CJP ने अपने बयान में दावा किया कि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कराने को लेकर अदालत की ओर से बार-बार जानकारी मांगे जाने के बावजूद सरकार ने अब तक संबंधित सूची उपलब्ध नहीं कराई है। संगठन के मुताबिक, संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद CJP के सह-संयोजक सौरव दास और लीगल अफेयर्स लीड रत्ना सिंह ने चेतावनी दी थी कि सरकार आंदोलन वापस लिए जाने के बाद युवाओं के साथ किए गए वादों से पीछे हटने की कोशिश कर रही है। CJP ने कहा कि किए गए वादों को कमजोर करना, टालना, उनकी नई व्याख्या करना या उन्हें पूरा नहीं करना युवाओं के भरोसे के साथ अस्वीकार्य विश्वासघात होगा।

 

24 अगस्त को बैठक, फिर आंदोलन के संकेत

 

CJP ने कहा कि संगठन 24 अगस्त को बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा। साथ ही संगठन ने संभावित नए आंदोलन के संकेत भी दिए हैं। बयान में छात्रों, युवा नागरिकों, समर्थकों और देशभर में मौजूद CJP स्वयंसेवकों से 24 अगस्त को होने वाली बैठक के बाद की कार्रवाई के लिए तैयार रहने की अपील की गई है।

ALSO READ: राहुल गांधी के सामने छात्रा ने उठाया AI और Cyber Security का मुद्दा, पूछा- महंगी पढ़ाई से गरीब छात्रों का क्या होगा

NEET छात्रों के परिवारों को मुआवजे का मुद्दा

 

संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिनिधिमंडल उन तक नहीं पहुंचा है और न ही किए गए वादों पर उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई है। इन वादों में आत्महत्या करने वाले NEET छात्रों के परिवारों को आर्थिक मुआवजा देने की मांग भी शामिल थी। CJP ने दावा किया कि उसके प्रदर्शन के चलते धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ, लेकिन संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक युवाओं से किए गए सभी वादे पूरे नहीं होते, तब तक वह पीछे नहीं हटेगा।

ALSO READ: NEW US Territory, होर्मुज पर ट्रंप का दावा, अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन

25 जुलाई को खत्म किया था आंदोलन

 

द कॉकरेच जनता पार्टी ने 25 जुलाई को एक महीने से अधिक समय तक चले अपने प्रदर्शन को समाप्त किया था। उस समय संगठन ने दावा किया था कि सरकार ने उसकी सभी मांगें स्वीकार कर ली हैं। अब संगठन की ओर से 24 अगस्त को बैठक बुलाए जाने और संभावित आंदोलन की चेतावनी के बाद जंतर-मंतर आंदोलन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।