H1N1 Cases: दिल्ली-NCR में 1,700 से ज्यादा मामले, मुंबई में भी तेजी, बच्चों में फ्लू जैसे लक्षण बढ़े, जानें बचाव और कब कराएं टेस्ट

H1N1 Cases: दिल्ली-NCR में  1,700 से ज्यादा मामले, मुंबई में भी तेजी,  बच्चों में फ्लू जैसे लक्षण बढ़े, जानें बचाव और कब कराएं टेस्ट

swine flu

देश के कई हिस्सों में H1N1 (स्वाइन फ्लू) और अन्य इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई में खासतौर पर बच्चों में फ्लू जैसे लक्षण और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़े हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल पूरे देश में घबराने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन परिवारों को सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर अस्थमा या किसी अन्य बीमारी से जूझ रहे बच्चों को लेकर अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में इस साल स्वाइन फ्लू के 1,700 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और मानसून के दौरान मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में वृद्धि देखी जाती है।

 

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स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने की समीक्षा 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को देश में एच1एन1 इन्फ्लुएंजा की मौजूदा स्थिति और इससे निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि राजधानी में स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से शुक्रवार को मुलाकात करेंगे।

 

H1N1 क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?

 

H1N1 इन्फ्लुएंजा A वायरस का एक प्रकार है, जिसे आमतौर पर स्वाइन फ्लू कहा जाता है। यह मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है।

 

इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

 

  • बुखार या ठंड लगना
  • खांसी
  • गले में खराश
  • नाक बहना या बंद होना
  • सिरदर्द
  • थकान
  • शरीर में दर्द
  • कुछ मामलों में उल्टी या दस्त

 

ध्यान रखें कि इन लक्षणों का मिलना सिर्फ H1N1 होने का संकेत नहीं है। कई अन्य वायरल संक्रमणों में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसलिए केवल बुखार या खांसी होने पर खुद से H1N1 मान लेना सही नहीं है।

 

दिल्ली में H1N1 के मामले करीब 6 गुना बढ़े

 

दिल्ली में इस साल मानसून के दौरान H1N1 मामलों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगस्त की शुरुआत तक दिल्ली में 1,344 H1N1 मामले सामने आए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 229 मामले दर्ज हुए थे। यानी मामलों में करीब छह गुना वृद्धि हुई है। इस बढ़ोतरी के बाद डॉक्टर बच्चों और उन लोगों पर विशेष नजर रख रहे हैं, जिन्हें संक्रमण से गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है।

 

मुंबई में भी तेजी से बढ़े मामले

 

मुंबई में भी H1N1 संक्रमण के मामलों में तेज वृद्धि देखने को मिली है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 15 अगस्त 2026 के बीच मुंबई में 309 H1N1 मामले दर्ज हुए। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 72 थी। मानसून के दौरान वायरल और सांस से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने के बीच H1N1 के मामलों में भी इजाफा हुआ है।

 

बेंगलुरु में बच्चों में फ्लू जैसे संक्रमण बढ़े

 

बेंगलुरु में बच्चों के बीच इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी, वायरल बुखार और सांस संबंधी संक्रमण के मामले बढ़े हैं। डॉक्टर हर बच्चे का H1N1 टेस्ट कराने के बजाय लगातार बने रहने वाले लक्षणों या गंभीर सांस संबंधी बीमारी वाले बच्चों की जांच कर रहे हैं। बेंगलुरु के Clarence High School में फ्लू जैसी बीमारी के 500 से अधिक मामले सामने आए, जिनमें दो मामलों में H1N1 की पुष्टि हुई। वहीं, Indira Gandhi Institute of Child Health में भी वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिन बच्चों की जांच की जा रही है, उनमें रोजाना करीब 2 से 3 H1N1 मामले सामने आ रहे हैं। स्कूलों और अन्य भीड़भाड़ वाली बंद जगहों में सांस से जुड़ी बीमारियों के फैलने को लेकर डॉक्टर सतर्क हैं।

 

चेन्नई में बच्चों के H1N1 मामलों में बढ़ोतरी

चेन्नई के बाल रोग विशेषज्ञों ने पिछले दो सप्ताह में बच्चों में H1N1 के मामले सामने आने की जानकारी दी है। हाल के सप्ताह में इसमें थोड़ी और वृद्धि देखी गई। डॉक्टरों ने संदिग्ध मामलों में जल्दी जांच कराने पर जोर दिया है। एक बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार, फ्लू का संदेह होने पर बच्चों की जांच लक्षण शुरू होने के 24 से 48 घंटे के भीतर करानी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि एंटीवायरल दवाएं बुखार शुरू होने के शुरुआती दिनों में दिए जाने पर ज्यादा प्रभावी हो सकती हैं। हालांकि, H1N1 की नियमित जांच सीमित होने के कारण कई जगह संक्रमण के वास्तविक आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं।

केरल में सबसे ज्यादा मामले और मौतें

 

केरल में इस साल इन्फ्लुएंजा के मामलों और मौतों की संख्या विशेष रूप से ज्यादा रही है।

 

रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार:

 

मई: 526 Influenza A मामले और 6 मौतें

जून: 2,050 मामले और 26 मौतें

जुलाई: 2,899 मामले और 31 मौतें

 

इन आंकड़ों से पता चलता है कि केरल में इन्फ्लुएंजा संक्रमण का असर अन्य राज्यों की तुलना में अधिक रहा है।

 

पूरे भारत में H1N1 के मामले एक जैसे नहीं बढ़े

 

देश के हर हिस्से में H1N1 संक्रमण बढ़ने की स्थिति एक जैसी नहीं है। तेलंगाना में स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इस साल H1N1 के मामले पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम हैं। Niloufer Hospital में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन डॉक्टरों ने H1N1 या इन्फ्लुएंजा के मामलों में कोई बड़ी वृद्धि नहीं देखी है।

 

बच्चों को लेकर किन बातों का रखें ध्यान?

अगर बच्चे को बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या शरीर में दर्द जैसे लक्षण हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन लगातार बने रहने वाले या गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज भी न करें। विशेष रूप से अस्थमा या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या वाले बच्चों में सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना बेहतर है। H1N1 की आशंका होने पर जांच और इलाज का फैसला चिकित्सक की सलाह के अनुसार करें।