
Champat Rai Letter Nripendra Mishra: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा व दान चोरी मामले में एसआईटी (SIT) से क्लीन चिट मिलते ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चम्पत राय ने एक बड़ा राजनीतिक व प्रशासनिक भूचाल ला दिया है। चम्पत राय ने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष/चेयरमैन और पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा के खिलाफ 9 पन्नों का विस्तृत बयान जारी करते हुए 33 गंभीर बिंदुओं के तहत सीधे सवाल खड़े किए हैं।
चम्पत राय के सनसनीखेज दावे
- नृपेंद्र मिश्रा की ही चली मर्जी : चम्पत राय का दावा है कि 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से अब तक मंदिर निर्माण में केवल वही हुआ जो नृपेंद्र मिश्रा चाहते थे। किसी अन्य व्यक्ति के फैसले या सलाह को महत्व नहीं दिया गया।
- कंपनियों और वास्तुकारों का चयन : एलएंडटी (L&T) को निर्माण के लिए चुनना, टाटा (TCE) को प्रोजेक्ट सलाहकार बनाना और अन्य भवनों के लिए नोएडा की फर्म 'डिजाइन एसोसिएट' (जय काकतीकर) को चुनना, ये सभी फैसले केवल नृपेंद्र मिश्रा द्वारा लिए गए।
- निर्णयों में सर्वाधिकार : मंदिर वास्तुकार चंद्रकांत भाई सोमपुरा (जिन्हें 1986 में अशोक सिंहल ने चुना था) को छोड़कर, निर्माण समिति की हर मासिक बैठक में नृपेंद्र मिश्रा ही हर निर्णय के सर्वेसर्वा रहे। यदि किसी और ने कोई निर्णय लिया भी, तो उसे अमान्य कर हटा दिया गया।
विवाद का मुख्य कारण
यह पूरा विवाद तब और गहराया जब चढ़ावा चोरी मामले पर नृपेंद्र मिश्रा ने कहा था कि मंदिर में व्यवस्था में भारी खामी के साथ-साथ यह एक तरह का 'डाका' है। मिश्रा ने बिना नाम लिए मन-मुताबिक नियुक्तियों का आरोप लगाया था और सुझाव दिया था कि राम मंदिर का संचालन एक CEO स्तर के पेशेवर सिस्टम के तहत होना चाहिए। एसआईटी जांच से पूरी तरह बरी होने के बाद चम्पत राय ने नृपेंद्र मिश्रा के इन्हीं बयानों और फैसलों का जवाब देने के लिए यह मोर्चा खोला है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर चोरी के 81 लाख कैसे बरामद हुए? चंपत राय की चिट्ठी से खुला बड़ा राज
चिट्ठी पर नृपेंद्र मिश्रा का रुख
विवाद के बीच नृपेंद्र मिश्रा ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर निर्माण की प्रगति की जानकारी दी और मुख्य बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि परिसर के अधिकांश निर्माण 30 सितंबर तक पूरे हो जाएंगे। इसके बाद 30 अक्टूबर तक L&T और Tata के कर्मचारी अपना काम समाप्त कर चले जाएंगे। मिश्रा ने कहा कि मंदिर की सुरक्षा दीवार और बाउंड्री वॉल का काम दिसंबर तक पूरा होगा। मंदिर निर्माण का अंतिम व पूर्ण समापन मार्च 2027 तक तय किया गया है। ALSO READ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, SIT जांच रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट
सबसे बड़ी चुनौती : परिसर में 20 गैलरियों वाला एक हाई-टेक संग्रहालय बनाया जा रहा है, जिसमें आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों के साथ आधुनिक 'इमर्सिव टेक्नोलॉजी' का प्रयोग होगा।


