उत्तराखंड का कमलेश्वर महादेव मंदिर, जानें इतिहास, मान्यता और पहुंचने का रास्ता

उत्तराखंड का कमलेश्वर महादेव मंदिर, जानें इतिहास, मान्यता और पहुंचने का रास्ता

kamleshwar mahadev mandir

पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में मिलता है। मान्यता है कि यहां भगवान राम ने 108 कमलों से शिव की पूजा की थी। उत्तराखंड के मुख्‍यमंत्री पुष्कर धामी ने भी श्रावण मास में पौड़ी गढ़वाल आने वाले श्रद्धालुओं से कमलेश्वर महादेव के दर्शन करने की अपील की है। जानें मंदिर का इतिहास, धार्मिक महत्व और पहुंचने का रास्ता। ALSO READ: दक्षेश्वर महादेव मंदिर: सावन में क्यों खास है कनखल का यह शिव धाम?

 

सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल में स्थित श्री कमलेश्वर महादेव मंदिर देवभूमि के प्राचीन एवं पौराणिक शिवालयों में से एक है। स्कंद पुराण में वर्णित यह पावन धाम भगवान शिव की आराधना और आस्था का प्रमुख केंद्र है। पवित्र श्रावण मास में यदि आप पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र के भ्रमण पर हैं, तो देवाधिदेव महादेव के इस दिव्य धाम के दर्शन अवश्य करें।

मंदिर का पुरातात्विक महत्व

यह एक पौराणिक मंदिर है, जिसका उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है। यहां भू लिंग स्थापित है और गणेश-पार्वती की नवनिर्मित मूर्तियां हैं। नवंबर माह में बैकुंड चतुर्दशी के अवसर पर यहां मेला लगता है। इस दिन प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में निसंतान दंपति संतान प्राप्ति की इच्छा लेकर यहां पहुंचते हैं। ये लोग जलते दीए को अपने हाथ में रखकर रात भर जाप और जागरण करते हैं। सुबह दीपक को अलकनंदा में प्रवाहित कर मंदिर में पूजा करते हैं। कहा जाता है कि उनकी मनोकामना पूरी भी होती है। ALSO READ: रुद्रनाथ मंदिर क्यों है खास? भगवान शिव की मुखाकृति के दर्शन और मंदिर से जुड़ी अद्भुत मान्यताएं

 

कैसे पड़ा कमलेश्वर महादेव नाम

मंदिर के बारे में मान्यता है कि रावण वध करने के बाद श्रीराम गुरु वशिष्ठ की आज्ञा अनुसार, भगवान शिव की उपासना करने के लिए कमलेश्वर मंदिर आए थे। इस स्थान पर आकर उन्होंने 108 कमलों से भगवान शिव की उपासना की थी। इसके बाद से यहां का नाम कमलेश्वर पड़ा।

 

ऐसे पहुंचें कमलेश्वर मंदिर

हवाई मार्ग: जौलीग्रांट हवाई अड्डा से कमलेश्वर मंदिर से 151 किमी दूर है। वहां से आप मंदिर के लिए टैक्सी या बस ले सकते हैं।

ट्रेन से: निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश रेलवे स्टेशन है, जो कमलेश्वर मंदिर से 140 किमी दूर है।

सड़क मार्ग से: श्रीनगर गढ़वाल उत्तराखंड के अन्य जिलों से सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आप देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश से आसानी से कमलेश्वर मंदिर के लिए टैक्सी बुक कर सकते हैं।