फुटपाथ चोरी हो गया साहब! भोपाल में पुलिस से शिकायत, FIR लिखने की मांग

फुटपाथ चोरी हो गया साहब! भोपाल में पुलिस से शिकायत, FIR लिखने की मांग

भोपाल के पॉश इलाके अरेरा कॉलोनी के 10 नंबर मार्केट में सरकारी पैसे से बनाए गए फुटपाथ के गायब होने का मामला अब राजधानी के हबीबगंज थाने तक पहुंच गया है। रहवासियों का कहना है कि देश की किसी स्मार्ट सिटी में संभवतः यह पहली ऐसी शिकायत है, जिसमें “गायब हुए फुटपाथ” के लिए जिम्मेदार अतिक्रमणकारियों के साथ-साथ नगर निगम और PWD के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी FIR की मांग की गई है।

भोपाल के रहवासी इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त तेवर के बीच फुटपाथ चोरी का अनोखा मामला सामने आया है। रहवासियों का आरोप है कि अरेरा कॉलोनी में भूमाफियाओ ने आवासीय भूखंडो पर सिर्फ अवैध मॉल ही नहीं बनाये बल्कि मुख्य बाजार 10 नंबर मार्केट के आसपास की सभी मुख्य सड़को के फूटपाथ चोरी कर लिए है और प्रशासन मूक दर्शक बना बेठा है|

 

अरेरा कॉलोनी के निवासी विवेक त्रिपाठी एवं लवनीश भाटी ने थाना हबीबगंज में शिकायत देकर पूछा है कि आखिर जनता के टैक्स के पैसे से बनाया गया फुटपाथ गया कहां? अब जनता सड़को पर कहा चले, यदि किसी भूमाफिया, भवन मालिक या व्यावसायिक प्रतिष्ठान ने फुटपाथ पर कब्जा किया तो वो कैसे संभव हुआ।

 

रहवासियों का आरोप है कि फुटपाथ धीरे-धीरे पार्किंग, निजी उपयोग और व्यावसायिक गतिविधियों की भेंट चढ़ गया। उनका कहना है कि भूमाफिया अकेले सार्वजनिक जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता—जब तक जिम्मेदार सरकारी तंत्र आंखें बंद न करे।

 

इसलिए शिकायत में केवल अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की मांग नहीं की गई है, बल्कि नगर निगम और PWD के उन अधिकारियों की भूमिका की आपराधिक जांच कर FIR दर्ज करने की मांग की गई है, जिनकी जिम्मेदारी इन सड़कों और सार्वजनिक फुटपाथों की सुरक्षा की थी।


रहवासियों ने मांग की है कि पुराने नक्शे और रिकॉर्ड निकालकर फुटपाथ की पूर्व स्थिति और वर्तमान स्थिति का मिलान कराया जाए। यदि सरकारी रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर मिलता है तो फुटपाथ कब्जाने वालों के साथ उन अधिकारियों को भी आरोपी बनाया जाए, जिनकी लापरवाही, संरक्षण या मिलीभगत से सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा हुआ।

 

विवेक त्रिपाठी एवं लवनीश भाटी ने कहा कि यह केवल फुटपाथ का मामला नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति को निजी हाथों में जाने से बचाने का सवाल है। दोषियों पर FIR, अतिक्रमण तत्काल हटाने और फुटपाथ को मूल स्वरूप में बहाल करने तक संघर्ष जारी रहेगा