
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। हजारों छात्र विधानसभा घेराव के लिए मार्च करते हुए पुलिस बैरिकेडिंग तक पहुंच गए। बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। झड़प में कुछ छात्रों के घायल होने की भी खबर है।
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9 दिन से भूख हड़ताल पर थे देवेंद्र नाथ महतो
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो नौ दिन से भूख हड़ताल पर हैं। सोमवार को उनकी तबीयत खराब होने के बावजूद वह एंबुलेंस से आंदोलन स्थल पहुंचे और स्ट्रेचर पर लेटकर विधानसभा मार्च में शामिल हुए। महतो ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए सरकार पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और यह अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
झारखंड पुलिस आँशु गैस के गोले ने छात्रों को हुक्का पिला रहे हैं
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— Mister Vidyasagar Yadav (@Vidyasagar_ya01) August 10, 2026
विधानसभा गेट तक पहुंचे प्रदर्शनकारी
पुलिस की अपील के बावजूद छात्र विधानसभा के गेट तक पहुंच गए। विधानसभा का सत्र समाप्त होने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से वापस घर लौटने की अपील की, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। सरकार ने कथित भर्ती अनियमितताओं की न्यायिक निगरानी में जांच की पेशकश की है, लेकिन JSSC-CGL परीक्षा को एकतरफा रद्द करने से इनकार किया है।
6 दौर की बातचीत के बाद भी नहीं निकला समाधान
सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक आंदोलन खत्म करने पर सहमति नहीं बन सकी है। छात्र कथित परीक्षा अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस बीच, झारखंड CID ने पूर्व JPSC अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते (L Khiangte) को कथित परीक्षा अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी से आंदोलन के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल और बढ़ गई है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। BJP नेता और झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर छात्रों की मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस और JMM पर भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर निशाना साधा।
वहीं, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने झारखंड और महाराष्ट्र में हो रहे छात्र आंदोलनों को युवाओं में बढ़ते असंतोष का संकेत बताया और कहा कि जहां बातचीत की गुंजाइश हो, वहां संवाद और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए।
इसे आप “शैंपूगिरी” कह सकते है !!
रांची में नए ढंग का GenZ आंदोलन !!
आंदोलनकारी छात्र अपने साथ शैंपू लेकर पहुंचे। जैसे ही पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार की, छात्रों ने वहीं शैंपू लगाया और नहाने लगे।
ये नई पीढ़ी है भाई #Ranchi #GenZ #StudentProtest #WaterCannon #Protest… pic.twitter.com/CcHBMt52kf— Ajit Singh Rathi (@AjitSinghRathi) August 10, 2026
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि विधानसभा जैसे संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकना जरूरी था। सोमवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर तनाव और झड़प की स्थिति बनी। JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का यह आंदोलन अब झारखंड में युवाओं और सरकारी भर्ती व्यवस्था से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। पूर्व JPSC प्रमुख की गिरफ्तारी और विधानसभा मार्च के बाद आने वाले दिनों में सरकार पर छात्रों की मांगों को लेकर दबाव और बढ़ सकता है।

