क्या ये भूतिया कुआं है? गुजरात के इस कुएं में हो रही अजीब हलचल, जानिए क्या है सच

गुजरात के मोरबी जिले के वीरपरडा गांव में एक 18 फीट गहरा कुआं इन दिनों लोगों की जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है। पिछले कई दिनों से इस कुएं का पानी बिना रुके समुद्र की लहरों की तरह ऊपर-नीचे हो रहा है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद दूर-दूर से लोग इस अनोखे नजारे को देखने पहुंच रहे हैं। शुरुआत में लोगों ने इसे भूकंप, भूगर्भीय हलचल और यहां तक कि चमत्कार या अलौकिक घटना से जोड़ना शुरू कर दिया, लेकिन अब भूवैज्ञानिकों ने इसकी अलग ही वजह बताई है।

 

समुद्र जैसी लहरें उठने से मचा कौतूहल, वायरल हुआ वीडियो

 

मोरबी तालुका के वीरपरडा गांव में किसान प्राणजीवनभाई सदारिया के खेत में बने इस कुएं का निर्माण करीब तीन महीने पहले ही हुआ था। करीब 30 फीट व्यास और 18 फीट गहरे इस कुएं में 2 अगस्त से लगातार पानी में तेज हलचल देखी जा रही है। कई बार पानी लहरों के साथ किनारों तक पहुंच जाता है और बाहर भी छलकने लगता है।

 

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आसपास के गांवों के लोग, राहगीर और पर्यटक बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचने लगे। हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर शांत खड़े कुएं में समुद्र जैसी लहरें कैसे उठ रही हैं।

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लोग बोले- कहीं भूकंप का संकेत तो नहीं?

 

कुएं में लगातार उठती लहरों को देखकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने इसे दैवीय चमत्कार बताया, जबकि कई लोगों को आशंका थी कि कहीं यह किसी भूकंप या भूगर्भीय हलचल का संकेत तो नहीं है। कुछ स्थानीय लोगों ने तो इसे अलौकिक घटना तक मान लिया।

 

हालांकि जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और वैज्ञानिक कारणों का इंतजार करने को कहा है।

 

भूवैज्ञानिक ने बताया असली कारण

 

मोरबी के जिला भूवैज्ञानिक जगदीश वढेर के अनुसार, शुरुआती जांच में किसी भी तरह की भूकंपीय गतिविधि (Seismic Activity) के सबूत नहीं मिले हैं।

 

उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण भूजल (Groundwater) का स्तर तेजी से बढ़ा है। इसके चलते जमीन के भीतर चट्टानों के सूक्ष्म छिद्रों (Pore Spaces) में फंसी हवा बाहर निकल रही है। यही हवा पानी की सतह पर दबाव बनाकर लहरें पैदा कर रही है।

 

भूवैज्ञानिक ने यह भी बताया कि कुआं सड़क के किनारे स्थित है, जहां हवा का प्रवाह अधिक रहता है। इससे भी पानी की सतह पर हलचल बढ़ सकती है।

भूकंप से कोई संबंध नहीं, संस्थान ने भी दी पुष्टि

 

जगदीश वढेर ने बताया कि इस मामले में गांधीनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) से भी संपर्क किया गया। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि इलाके में कोई सक्रिय फॉल्ट लाइन (Active Fault Line) या भूकंपीय गतिविधि नहीं है। यानी इस घटना का भूकंप से कोई संबंध नहीं है।

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अब गुजरात ग्राउंडवॉटर रिसर्च इंस्टीट्यूट करेगा विस्तृत जांच

 

मोरबी के जिला कलेक्टर स्वप्निल खरे ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद जिला भूवैज्ञानिकों ने मौके का निरीक्षण किया है। प्रारंभिक जांच में पानी की हलचल का कारण फंसी हुई हवा (Trapped Air) माना गया है।

 

हालांकि अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए गुजरात ग्राउंडवॉटर रिसर्च इंस्टीट्यू की टीम को विस्तृत अध्ययन के निर्देश दिए गए हैं। टीम अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद इस अनोखी घटना की वैज्ञानिक पुष्टि हो सकेगी।

 

फिलहाल बना हुआ है आकर्षण का केंद्र

 

जब तक अंतिम रिपोर्ट नहीं आती, तब तक यह रहस्यमयी कुआं लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल इसे किसी चमत्कार, अलौकिक घटना या भूकंप से जोड़ने की बजाय वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए। शुरुआती जांच साफ संकेत देती है कि यह प्राकृतिक भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) और जमीन के भीतर फंसी हवा के दबाव का परिणाम हो सकता है।