संघ प्रमुख मोहन भागवत Gen Z बयान पर सियासी बवाल मचा हुआ है। प्रियंका गांधी से लेकर वेणुगोपाल तक कई कांग्रेस नेताओं ने मोहन भागवत के बयान पर सवाल उठाए। प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों को मोहन भागवत के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। वहीं केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अगर उन्हें छात्रों की सच में परवाह है, तो उन्हें छात्रों पर हुए अत्याचारों की निंदा करनी होगी। ALSO READ: Top News: 15 राज्यों में भारी बारिश अलर्ट, मेटा पर 5400 करोड़ का जुर्माना, Gen-Z पर क्या बोले मोहन भागवत
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने छात्रों व युवाओं के साथ RSS प्रमुख मोहन भागवत की बातचीत पर कहा कि उन्हें मोहन भागवत से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।
They don't need a certificate from Mohan Bhagwat ji.
: Congress General Secretary & Wayanad MP Smt. @priyankagandhi ji on RSS chief Mohan Bhagwat's remarks on students protest pic.twitter.com/yDLBBmv10W
— Congress (@INCIndia) August 7, 2026
क्या बोले वेणुगोपाल?
RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'इंडियाज़ इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' इवेंट पर कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि अगर उन्हें 'जेन जी' की सच में परवाह है, तो उन्हें भारत के गृह मंत्री से इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए। वरना, केंद्रीय गृह मंत्री को कम से कम संसद में आकर छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि RSS सरकार को नियंत्रित कर रही है। अगर उन्हें छात्रों की सच में परवाह है, तो उन्हें छात्रों पर हुए अत्याचारों की निंदा करनी होगी। पेलेट गन्स का इस्तेमाल किया गया था, और छात्र इसके लिए जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वह इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? यह सब बस दिखावा है।
क्या बोले थे मोहन भागवत?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने देश की युवा पीढ़ी का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि वह Gen Z पर आंख मूंदकर भरोसा करेंगे। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्रों को राष्ट्रविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए। युवाओं की बात को दबाने के बजाय उनके साथ संवाद के जरिए उनकी चिंताओं को समझने की जरूरत है। ALSO READ: Mohan Bhagwat : Gen Z पर आंख मूंदकर भरोसा करूंगा, छात्रों के प्रदर्शन को राष्ट्रविरोधी न बताएं, RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, चीन और पाकिस्तान को लेकर क्या कहा
मुंबई में करीब 2,000 Gen Z और Gen Alpha सदस्यों को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि युवाओं को अपनी बात रखने और सत्ता से सवाल पूछने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि संवाद के लिए दोनों पक्षों के बीच अपनापन और आपसी सम्मान जरूरी है।

