भारत में जल्द चलेंगे प्लास्टिक के नोट! 10 और 20 रुपये से होगी शुरुआत, जानिए क्या होंगे बड़े फायदे

plastic currency

भारत सरकार पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोट लाने की तैयारियों में जुटी हुई है। हालांकि, आम लोगों को अपने हाथों में प्लास्टिक नोट पाने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्लास्टिक नोट को जारी किए जाने की प्लानिंग को लेकर अहम जानकारी शेयर की है। ALSO READ: E20 Petrol : क्या सरकार ला रही है Flex-Fuel वाहनों के लिए नई पॉलिसी? सरकार ने दिया बड़ा अपडेट

 

कब तक जारी होंगे प्लास्टिक के नोट

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोट जारी करने की तैयारी कर रहा है। इसका सीधा मतलब ये हुआ कि आरबीआई अगले साल अप्रैल-मई में प्लास्टिक नोट जारी कर सकता है। जिसके कुछ समय बाद ये बाजार में तेजी से सर्कुलेट होना शुरू हो जाएंगे।

 

10 और 20 रुपये के 100-100 करोड़ नोट छापने की प्लानिंग

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अभी हाल ही में लोकसभा में बताया था कि वित्त मंत्रालय ने RBI के 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर करेंसी नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। पंकज चौधरी ने बताया था कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत 10 रुपये और 20 रुपये के 100-100 करोड़ नोट छापे जाएंगे। इन नोटों को ट्रायल बेसिस पर बाजार में उतारा जाएगा और ये देखा जाएगा कि भारतीय लोग प्लास्टिक के नोटों को कैसी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। ट्रायल सफल रहता है तो प्लास्टिक के नोटों को बड़े पैमाने पर जारी करने पर विचार किया जाएगा। ALSO READ: मध्य प्रदेश में बस सफर हुआ महंगा, 2 रुपए प्रति किलोमीटर से देना होगा किराया

 

कैसे बनते हैं पॉलिमर नोट

पॉलिमर नोट एक खास तरह प्लास्टिक जैसे सिंथेटिक पदार्थ से बनाया जाता है। इसमें एक मजबूत और लचीली प्लास्टिक फिल्म का इस्तेमाल होता है, जिस पर नोट की छपाई की जाती है। ये नोट कागजी नोट की तुलना में ज्यादा टिकाऊ तो होंगे ही, ये जल्दी खराब भी नहीं होंगे। 

 

30 सालों से भी ज्यादा समय तक चल सकते हैं प्लास्टिक नोट

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कुछ देशों में पॉलिमर नोट का 30 सालों से भी ज्यादा समय तक चलने का रिकॉर्ड हैं। ये नोट खासतौर पर कम मूल्य वर्ग के नोटों के लिए उपयोगी होंगे, क्योंकि इनका इस्तेमाल और चलन बहुत ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि अगर सभी योजनाएं तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती हैं तो हमारा लक्ष्य है कि ये नोट अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में चलन में आ जाएं।'

 

40 से ज्यादा देशों में चलती है प्लास्टिक करेंसी

इस तकनीक की शुरुआत सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 1988 में की थी। दुनिया भर में 40 से अधिक देश प्लास्टिक (पॉलिमर) करेंसी का उपयोग पूर्ण या आंशिक रूप से कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, कनाडा, विएतनाम और मालदीव जैसे देशों में केवल प्लास्टिक के नोट ही चलते हैं। इन देशों ने कागज के नोट छापना पूरी तरह बंद कर दिया है। सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, सऊदी अरब, चिली और मेक्सिको समेत कई देशों में कुछ चुनिंदा नोट प्लास्टिक के हैं। यहां कागज के साथ ही प्लास्टिक के नोट भी चलते हैं।

 

क्या होगा फायदा?

  • ये कागजी नोटों की तुलना में लगभग 2.5 गुना ज्यादा चलते हैं।
  • ये पानी, चाय या कॉफी गिरने से खराब नहीं होते और इन पर गंदगी नहीं चिपकती।
  • फटने या कटने के बाद इन नोटों को रिसाइकिल करके अन्य प्लास्टिक उत्पाद बनाए जा सकते हैं।