Russia Ukraine War:घर से विदा होते समय कानपुर के 30 वर्षीय मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता ने पत्नी और बच्चों से जल्द लौटने का वादा किया था। किसी ने नहीं सोचा था कि वह वादा हमेशा के लिए अधूरा रह जाएगा। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर में हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले ने कानपुर के एक खुशहाल परिवार की दुनिया उजाड़ दी। 18 जुलाई को कार्गो जहाज पर हुए हमले में सागर की मौत हो गई, लेकिन घटना के 13 दिन बाद भी उनका पार्थिव शरीर भारत नहीं पहुंच सका है। घर में बूढ़ी मां की आंखें बेटे के इंतजार में पथरा गई हैं, पत्नी हर आहट पर दरवाजे की ओर देखती हैं और सात महीने का मासूम कृष्णा अब भी अनजान है कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।

