
जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री और उनकी मां को गांलियां देने वालों के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज कर रही है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एफआईआर पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले आपने उनकी हड्डियां तोड़ीं। अब आप एफआईआर दर्ज कर रहे हैं। आप Gen Z को डराकर चुप नहीं करा सकते। ALSO READ: Anti Paper Leak Bill 2026 : पेपर लीक विरोधी बिल पास होने पर इंस्टाग्राम पर PM मोदी का संदेश, पेपर लीक गैंग पर होगी सख्त कार्रवाई
Gen Z को डराकर चुप नहीं करा सकते
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह – आप Gen Z को डराकर चुप नहीं करा सकते। पहले आपने उनकी हड्डियां तोड़ीं। अब आप एफआईआर दर्ज कर रहे हैं और उनके अकाउंट बंद कर रहे हैं। आप भारत का अतीत हैं। भारत के भविष्य के साथ आप कैसा बर्ताव करते हैं, इस बात को लेकर सावधान रहें।
PM Modi and Amit Shah – you cannot threaten Gen Z into silence.
First you broke their bones. Now you are filing FIRs and taking down their accounts.
You are India’s past. Be careful about how you treat India’s future.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 31, 2026
नोएडा की युवती के खिलाफ FIR
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत शून्य अपराध संख्या (Zero FIR) दर्ज की गई है। टिप्पणी करने वाली युवती की पहचान नोएडा के सेक्टर-168 स्थित लोट्स जिंग सोसाइटी निवासी रुचिका सिंह के रूप में हुई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, यह टिप्पणी 23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के दौरान की गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने के बाद केस को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया है। अब मामले की जांच दिल्ली पुलिस करेगी। ALSO READ: PM Modi के खिलाफ अभद्र टिप्पणी मामले में नोएडा में मुकदमा दर्ज, युवती और परिजन फरार, केस दिल्ली ट्रांसफर
अराजक तत्वों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाएंगे
दिल्ली पुलिस ने पहले ही साफ कर दिया है कि प्रदर्शन के दौरान उपद्रव मचाने वाले अराजक तत्वों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाएंगे। नई दिल्ली जिले के पांच थानों और स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट में दर्ज सभी 21 एफआइआर अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ हैं, इसमें किसी भी छात्र को नामजद नहीं किया गया है।
पुलिस का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं व अन्य के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर कोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई है।
मामले पर क्या बोली सीजेपी?
सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास, पिछले कई दिनों से इंटरनेट मीडिया के जरिये और मीडिया को जारी बयान में बार-बार दिल्ली पुलिस को छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की धमकी दे रहे हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार से हुई बातचीत में एक शर्त यह भी था कि छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे पिछले मंगलवार तक वापस ले लिए जाएंगे।

