भोपाल में बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के पास किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) मोनिका शुक्ला ने चलती बस के सामने खड़े होकर उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। यह घटना उस समय हुई, जब प्रदर्शन कर रहे कुछ किसान पुलिस द्वारा रोकी गई बस को आगे ले जाने की कोशिश कर रहे थे। घटना के वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी बस की छत पर चढ़कर नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ लोग पीछे से बस को धक्का दे रहे हैं। जैसे ही बस आगे बढ़ने लगी, एसीपी मोनिका शुक्ला बिना पीछे हटे उसके सामने खड़ी हो गईं। उनके इस कदम से बस रुक गई और बड़ा हादसा टल गया।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एसीपी मोनिका शुक्ला की बहादुरी की खूब चर्चा हो रही है। कई लोगों ने मुश्किल और जोखिम भरी स्थिति में उनके साहस और तुरंत लिए गए फैसले की सराहना की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित दुर्घटना टल गई और मौके पर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
एसीपी मोनिका शुक्ला कौन हैं?
मोनिका शुक्ला एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं। उन्हें कानून-व्यवस्था संभालने का कई वर्षों का अनुभव है। उन्होंने वर्ष 1994 में पुलिस सेवा में अपने करियर की शुरुआत की थी और 2009 में आईपीएस अधिकारी बनीं। मोनिका शुक्ला अपनी सख्त कार्यशैली और प्रशासनिक अनुभव के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश के कई जिलों में अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा से जुड़ी अधिकारी रही हैं। उनके पति शशिकांत शुक्ला भी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। अपने लंबे करियर में मोनिका शुक्ला ने एक ऐसी अधिकारी के रूप में पहचान बनाई है, जो कठिन परिस्थितियों में भी तेजी से फैसला लेने और हालात को संभालने के लिए जानी जाती हैं।
During the farmers movement in Bhopal, when the agitating farmers were taking the bus to the Chief Minister’s residence, ACP Monika Shukla stood in front of the bus and did not allow the bus to proceed.#Monikashukla #Bhopal #FarmerProtestMP pic.twitter.com/u9ETP7BHbt
— Pramod Jagtap (@PramodSJagtap) July 30, 2026
पहले भी दिखा चुकी हैं बहादुरी
यह पहली बार नहीं है, जब एसीपी मोनिका शुक्ला अपने साहस और कर्तव्य निभाने के तरीके को लेकर चर्चा में आई हों। करीब एक दशक पहले भोपाल के काजी कैंप इलाके में एक सड़क हादसे के बाद हालात बिगड़ गए थे। उस दौरान गुस्साई भीड़ ने कथित तौर पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, उस समय मोनिका शुक्ला खुद मौके पर पहुंचीं और हालात को शांत करने की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने पुलिस टीम के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित किया और इलाके में कानून-व्यवस्था बहाल कराई।
विरोध प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, किसान संगठन बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय परिसर के पास एकत्र हुए थे। वहां पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक रखा था, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे जाने की कोशिश कर रहे थे। जैसे-जैसे माहौल तनावपूर्ण होता गया, कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को पार करते हुए बस को आगे बढ़ाने की कोशिश की। इसी दौरान एसीपी मोनिका शुक्ला बस के सामने आकर खड़ी हो गईं। उनके इस कदम से बस रुक गई और स्थिति को संभाल लिया गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग मोनिका शुक्ला की हिम्मत, सूझबूझ और नेतृत्व की जमकर सराहना कर रहे हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर मोनिका शुक्ला की पहचान ऐसी पुलिस अधिकारी के रूप में मजबूत हुई है, जो मुश्किल हालात में भी तुरंत फैसला लेकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं।

