NEET पेपर लीक विवाद पर सियासत तेज, CJP आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और विपक्ष आमने-सामने, राहुल गांधी का मार्च, अन्ना हजारे का मौन आंदोलन

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NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश में सियासी घमासान और तेज हो गया है। एक ओर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठन सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी तरफ केंद्र सरकार और CJP के बीच वार्ता को लेकर भी गतिरोध बना हुआ है। दोनों पक्ष नई बातचीत के लिए स्थान तय करने पर सहमत नहीं हो सके हैं।

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इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि वह बातचीत के लिए तैयार है और प्रदर्शनकारियों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है। हालांकि CJP ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा कि बातचीत जंतर-मंतर या किसी तटस्थ (न्यूट्रल) स्थान पर ही होगी।

राहुल गांधी और INDIA गठबंधन का गांधी स्मृति मार्च

 

NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन के समर्थन में राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के कई सांसद गांधी स्मृति जाने के लिए निकले। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के साथ खड़ा होने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता। गांधी स्मृति पहुंचकर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के साथ अन्याय कर रही है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाकर माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र और छात्रों के अधिकारों की रक्षा जरूरी है तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के साथ बल प्रयोग उचित नहीं है।

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राहुल का आरोप- पुलिस ने मार्च रोका

राहुल गांधी ने दावा किया कि INDIA गठबंधन के सांसदों को पहले इंडिया गेट और बाद में गांधी स्मृति जाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनका संघर्ष जारी रहेगा।

 

जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवा बंद

गृह मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं का निलंबन आधी रात तक बढ़ा दिया। CJP शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए है।

CJP ने रखीं दो शर्तें

CJP प्रवक्ताओं ने कहा कि वे बातचीत के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन किसी केंद्रीय मंत्री के आवास पर बैठक स्वीकार नहीं करेंगे। संगठन ने मांग की कि वार्ता जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर हो और केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस निर्णय भी सामने आए।

 

हिंसा करने वालों के पासपोर्ट रद्द हो सकते हैं

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा में सीधे शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ उनके पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

24 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान

 

CJP ने 24 जुलाई को देशभर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने तक आंदोलन जारी रहेगा।

पीएम मोदी का बड़ा ऐलान

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक करने वालों को कड़ी व त्वरित सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

अन्ना हजारे का मौन आंदोलन

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में छात्रों के समर्थन में मौन आंदोलन शुरू किया। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों की चिंताओं का समाधान करने की अपील की।

संसद में भी जारी गतिरोध

पेपर लीक मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है, जबकि सरकार बिना किसी पूर्व शर्त के चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह रही है।