
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की मांगों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या है, जिस पर राजनीति करने के बजाय गंभीर चर्चा और ठोस समाधान की आवश्यकता है।
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जेपी नड्डा ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने करीब 150 पेपर लीक मामलों का उल्लेख किया है। सरकार एक जिम्मेदार सरकार है और हर मामले की जांच के बाद जनता के सामने तथ्य रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, उनमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे राज्य शामिल हैं, जहां कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं। नड्डा ने राहुल गांधी से सवाल किया कि वे इन मामलों पर चयनात्मक रवैया क्यों अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना नहीं, बल्कि उनके मुद्दों पर राजनीतिक लाभ लेना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे कम समय की चर्चा कराए या 12 घंटे अथवा 18 घंटे की बहस, सरकार हर प्रकार की चर्चा के लिए तैयार है। जेपी नड्डा ने कहा कि संसद इस गंभीर विषय पर व्यापक विमर्श का सबसे उपयुक्त मंच है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह बार-बार अपना रुख न बदले और इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करे।
उन्होंने कहा कि देश के बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना सरकार और विपक्ष दोनों की साझा जिम्मेदारी है। इसलिए सभी दलों को मिलकर ऐसी ठोस नीति तैयार करनी चाहिए, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

