ट्रंप का सनसनीखेज दावा: चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटर्स का डेटा चुराया, जल्द सामने आएंगे खुफिया दस्तावेज

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 2020 के चुनाव के दौरान 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का डाटा चुराने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। ट्रंप इन आरोपों से जुड़े खुफिया दस्तावेज जल्द सार्वजनिक करने वाले हैं। उन्होंने इसे इतिहास की सबसे बड़ी चुनावी डाटा सेंधमारी कहा है। ALSO READ: Top News 17 July: PM मोदी की हाइड्रोजन ट्रेन, ट्रंप का चीन पर बड़ा आरोप

 

देश के नाम संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि कई सालों के दौरान, 2020 के चुनाव के समय से ही, चीन ने इतिहास में चुनाव डेटा के साथ अब तक की सबसे बड़ी छेड़छाड़ की है। इसके कारण चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों की फाइलें गैर-कानूनी तरीके से हासिल कर लीं।

 

उन्होंने कहा कि चीन ने 2020 के चुनाव को कमजोर करने के मकसद से इतिहास में चुनाव डेटा के साथ सबसे बड़ी छेड़छाड़ की और 'डीप स्टेट' के सदस्यों ने इसे छिपाने की कोशिश की। अमेरिका का चुनाव सिस्टम एक सटीक और निष्पक्ष सिस्टम होने के मामले में बुरी तरह विफल रहा है।

 

अमेरिकी चुनाव प्रणाली भ्रष्‍ट और बेकार

डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसे कई कथित सबूतों का जिक्र किया जिनसे यह साबित हो सके कि अमेरिका की चुनाव प्रणाली पूरी तरह से भ्रष्ट और बेकार हो चुकी है। उन्होंने इन सबूतों का इस्तेमाल यह दावा करने के लिए किया कि 2020 का चुनाव उन्होंने जीता था लेकिन वह उनसे छीन लिया गया था।

 

ट्रंप का सेव अमेरिका एक्ट पर जोर

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी संसद को 'सेव अमेरिका एक्ट' जरूर पास करना चाहिए। उन्होंने इस कानून को एक समझदारी भरा सुधार बताया और कहा कि इससे रिपब्लिकन हर चुनाव जीत सकेंगे।