चेंबूर में स्कूल वैन पर पेड़ गिरने से मासूम की मौत, क्या बोले जिम्मेदार?

chembur accident

मुंबई के चेंबूर में यूनिवर्सल हाई स्कूल की बस पर पेड़ गिरने से एक मासूम की मौत हो गई। हादसे में 10 बच्चे घायल हैं। सभी को अस्पताल ले जाया गया। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई। मुंबई पुलिस और BMC की टीम मामले की जांच कर रही है। जानिए मामले पर क्या कहते हैं जिम्मेदार? ALSO READ: Operation Tiger: क्या देवेंद्र फडणवीस के साथ भी वही हो रहा है जो कभी आडवाणी, गडकरी और शिवराज सिंह चौहान के साथ हुआ था?

 

क्या है पूरा मामला?

मंगलवार दोपहर करीब 2:58 बजे चेंबूर इलाके में एक बड़ा पीपल का पेड़ स्कूल बस पर गिरने गिर गया। पेड़ गिरते ही बस चालक, कंडक्टर और स्थानीय नागरिकों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए बच्चों को बचाने का प्रयास किया। 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव की दोपहर 4:23 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई।

 

मेयर ने दिए जांच के आदेश

 

घटना की गंभीरता को देखते हुए, मेयर रितु तावड़े ने इस बात की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं कि क्या स्थानीय नागरिकों ने पहले इस पेड़ के संबंध में कोई शिकायत दर्ज कराई थी। यदि अधिकारियों ने शिकायतों की अनदेखी की होगी, तो संबंधित अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

क्या बोले मंत्री योगेश कदम?

महाराष्ट्र के मंत्री योगेश कदम ने चेंबूर हादसे पर कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी घटना दोबारा न हो; जहां भी ऐसी घटनाएं होती हैं, वहां सख्त कार्रवाई की जाती है। ALSO READ: केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़: सिया गोयल के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस

 

जनप्रतिनिधियों ने हादसे पर जताया दुख

शिवसेना MLC नीलम गोहे ने चेंबूर हादसे पर कहा कि यह बहुत ही बड़ी दुर्घटना है। जब कहीं बारिश होती है तो पेड़ अच्छे दिखते हैं लेकिन वो कब गिर जाएगा इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है जिसका मूल्यांकन किया जाता है। ऐसी घटनाएं बार-बार ना हों, इसे लेकर कुछ तो काम कर सकता है। इसे लेकर कुछ तो काम किया जा सकता है। इसे लेकर BMC का आपदा प्रबंधन विभाग और अधिक ध्यान दे सकता है।

 

भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि चेंबूर में पीपल का एक पेड़ स्कूल वैन पर गिरने के कारण एक बच्चे की मौत की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। बरसात में समय पर पेड़ की छंटाई बहुत आवश्यक होती है और इसकी उपेक्षा करने के कारण इस तरह की घटनाएं होती हैं। पेड़ का जतन भी करना चाहिए लेकिन मनुष्य की जान की भी कीमत है। कल जो घटना हुई है उसकी भरपाई करना मुश्किल है। महानगरपालिका प्रशासन में पेड़ों की छंटाई करने की आवश्यकता है और जो पेड़ कमजोर हैं, उन्हें हटाने की भी आवश्यकता है।