एक यात्री की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों काफी वायरल हो रही है। उसने बताया कि फ्लाइट रद्द होने के बाद उसे रिफंड मिलने में काफी देरी हुई। उसने कहा कि एयरलाइन और टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे, जिससे उसे समय पर रिफंड नहीं मिला। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर फ्लाइट टिकट सीधे एयरलाइन से बुक करना ज्यादा सही रहता है या नहीं इस पर बहस शुरू हो गई। वहीं ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ये मामला तब सामने आया जब एक्स यूजर साकेत आर ने अपनी रद्द हुई इंटरनेशनल फ्लाइट का एक्सपीरिएंस शेयर किया। उन्होंने बताया कि म्यूनिख जाने के लिए उन्होंने कई महीने पहले टिकट बुक की थी, लेकिन यात्रा से करीब 10 दिन पहले कुवैत एयरवेज ने फ्लाइट रद्द कर दी, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रिफंड में हुई देरी
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “मैं सभी लोगों को सलाह दूंगा कि जहां तक संभव हो, MakeMyTrip जैसे प्लेटफॉर्म से फ्लाइट टिकट बुक करने से बचें। बेहतर होगा कि टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप से ही बुक करें।” साकेत ने बताया कि उन्होंने फ्लाइट रद्द होने वाले दिन यानी 21 मई को ही रिफंड के लिए आवेदन कर दिया था। उनके अनुसार, शुरुआत में MakeMyTrip ने 31 मई तक पैसा वापस मिलने की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में उन्हें बताया गया कि रिफंड की पूरी प्रक्रिया में 28 दिन तक का समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि करीब 40 दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें रिफंड नहीं मिला।
I would strongly suggest avoiding booking flights through platforms like makemytrip whenever possible. Book directly with the airline instead.
I had booked my tickets Months back for my travel in June to Munich. 10 days before the departure, the airline cancelled my booking.
— Saketh R (@saketh1998) June 30, 2026
अभी तक नहीं आया रिफंड
अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, “जब मैं कुवैत एयरवेज से संपर्क करता हूं तो वहां से कहा जाता है कि टिकट MakeMyTrip के जरिए बुक हुई थी, इसलिए रिफंड की प्रक्रिया वही शुरू करेगा। वहीं MakeMyTrip का कहना है कि एयरलाइन की ओर से अभी तक रिफंड जारी नहीं किया गया है। इस तरह यात्री दोनों के बीच फंस जाता है और हर बार एक-दूसरे से संपर्क करने के लिए कहा जाता है, जबकि उसका पैसा अटका रहता है।”
MakeMyTrip की टीम ने किया संपर्क
उन्होंने कहा, “लोग थर्ड-पार्टी बुकिंग प्लेटफॉर्म इसलिए इस्तेमाल करते हैं क्योंकि उन्हें उम्मीद होती है कि किसी समस्या की स्थिति में उन्हें मदद मिलेगी। लेकिन अगर एक महीने से ज्यादा समय तक ग्राहक एयरलाइन और बुकिंग प्लेटफॉर्म के बीच चक्कर लगाता रहे और दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहें, तो ऐसे प्लेटफॉर्म की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।” बाद में उन्होंने एक नया अपडेट साझा करते हुए लिखा, “MakeMyTrip की टीम से मिस्टर कौशिक ने मुझसे संपर्क किया है और जल्द समाधान का भरोसा दिया है। रिफंड मिलने के बाद मैं इसकी जानकारी भी शेयर करूंगा।”
लोगों ने किया कमेंट
ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिसके बाद कई लोगों ने भी ट्रैवल बुकिंग प्लेटफॉर्म और एयरलाइन से रिफंड में देरी के अपने अनुभव साझा किए। एक यूजर ने लिखा, “जब तक सब कुछ ठीक चलता है, तब तक थोड़ा डिस्काउंट मिल जाता है। लेकिन जैसे ही कोई समस्या आती है, परेशानी शुरू हो जाती है। मैंने यह बात कोविड के दौरान सीखी थी, तभी से मैं फ्लाइट टिकट किसी थर्ड-पार्टी वेबसाइट से बुक नहीं करता।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं। मई में ईरान-अमेरिका तनाव के कारण हमारी कतर एयरवेज की फ्लाइट रद्द हुई थी, लेकिन एयरलाइन ने 2 से 3 दिन के भीतर ही पूरा रिफंड दे दिया।”

