वनडे की टीम नहीं खेले टी-20 प्रारुप, फैंस की मांग पर क्या होंगे बड़े बदलाव

महिला टी20 विश्व कप में भारत के एक बार फिर नाकाम रहने के बाद कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत कौर के भविष्य पर तो सवाल उठ रहे हैं। 37 वर्ष की हरमनप्रीत भारत की सबसे सफल टी20 कप्तान रही है।लेकिन सोशल मीडिया पर फैंस की भावनाओं की मानें तो टीम को आमूलचूल परिवर्तन करने होंगे। महिला टीम में कोई भी एकदिवसीय विश्वकप विजेता सदस्य देखना ही नहीं चाहता।टीम में से स्मृति मंधाना, जेमीमा रॉड्रिगेस और यस्तिका भाटिया को बाहर निकालने की मांग उठ रही है और शेफाली वर्मा और ऋचा घोष जैसी आक्रामक बल्लेबाजों को टीम के अंदर लाने की बात जोर पकड़ रही है।

छह बार की चैम्पियन आस्ट्रेलिया के हाथों रविवार को मिली छह विकेट से हार ने भारत की सेमीफाइनल खेलने की उम्मीदें तोड़ दी। टूर्नामेंट से पहले प्रबल दावेदारों में गिनी जा रही भारतीय टीम 50 ओवरों के विश्व कप वाला फॉर्म नहीं दोहरा सकी। टी20 विश्व कप में लगातार दूसरी बार हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत नॉकआउट में नहीं पहुंच सका जिससे इस प्रारूप में टीम की प्रगति को लेकर प्रश्न उठने लगे हैं।

बल्लेबाजी में टीम हर बार एकदिवसीय जैसा प्रदर्शन करती है। इसमें स्ट्राइक रेट का महत्व होता है। ऐसे में विश्वकप में बैंच पर बैठी फूलमली को टीम में अधिक मौके दिए जा सकते हैं। इसके अलावा टीम से बाहर हरलीन देवोल जो एकदिवसीय विश्वकप में तेजी से रन बना रही थी इस प्रारुप में वापस आ सकती है।

भारत की तेज गेंदबाजी विकल्पों पर भी चर्चा हो सकती है। रेणुका सिंह ठाकुर को इस टूर्नामेंट में कम मौके मिले। वह टीम की मुख्य पेसर बन सकती है। क्रांति गौड़ और अरुंधती रेड्डी एक ही कलेवर की गेंदबाज हैं। ऐसे में दोनों के बीच प्रतियोगिता हो सकती है।

स्पिन विभाग में श्री चरणी टीम की मुख्य गेंदबाज है और उनके इर्दगिर्द दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा को घुमाया जा सकता है लेकिन शेफाली से फाइनल में 4 ओवर का स्पैल करवाने जैसी बेवकूफी अब टीम प्रबंधन नहीं करेगा। कुल मिलाकर फैंस एक युवा भारतीय महिला टी-20 टीम की उस ही तरह मांग कर रहे हैं जैसे साल 2022 में रोहित कोहली की टीम जब सेमीफाइनल हार के आई थी।