
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोमवार को तीन-भाषा नीति (Three-Language Policy) को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कक्षा 10 में पढ़ रहे छात्रों पर नई भाषा व्यवस्था लागू नहीं होगी। CBSE ने यह भी कहा कि कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे छात्रों को भी जब वे कक्षा 10 में पहुंचेंगे, तब तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा देने की अनिवार्यता नहीं होगी।
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दो विदेशी भाषाएं चुनने वाले छात्रों को मिलेगी राहत
बोर्ड के अनुसार, जिन छात्रों ने पहले से दो विदेशी भाषाओं (Foreign Languages) का विकल्प चुना है, उन्हें उसी भाषा संयोजन (Language Combination) के साथ आगे पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, ऐसे छात्रों को इसके साथ एक अतिरिक्त भारतीय भाषा (भारतीय भाषा/Bhartiya Bhasha) का अध्ययन करना अनिवार्य होगा।
पहले भी दी थी राहत
शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया था कि कक्षा 7 से 9 के वे छात्र, जिन्होंने तीन-भाषा नीति के तहत दो विदेशी भाषाओं का चयन किया है, उन्हें कक्षा 10 तक उसी भाषा संयोजन के साथ पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी जाएगी। CBSE के इन नए दिशा-निर्देशों से लाखों छात्रों और अभिभावकों के बीच नई भाषा नीति को लेकर बनी असमंजस की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।
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समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी नई अध्ययन सामग्री
CBSE ने कहा कि संशोधित भाषा नीति के तहत छात्रों के लिए कक्षा-उपयुक्त (Grade-Appropriate) अध्ययन सामग्री तय समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी। बोर्ड का कहना है कि नई भाषा नीति का उद्देश्य भाषा सीखने की प्रक्रिया को अधिक अर्थपूर्ण, रोचक और समृद्ध बनाना है, ताकि छात्रों के समग्र विकास (Holistic Development) को बढ़ावा मिल सके। Edited by : Sudhir Sharma

