
मौसम में बदलाव के चलते इंदौर में तमाम तरह की बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों के लिए गाइडलाइन जारी कर लोगों को बचाव के लिए अलर्ट किया है। पिछले कुछ दिनों से इंदौर में मौसम की मार की वजह से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल फीवर और पानी से होने वाली बीमारियों के मरीज बढ़े हैं। इसके बाद अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक, जांच किट की उपलब्धता, अतिरिक्त बेड की व्यवस्था और बीमारी की निगरानी के लिए विशेष सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इंदौर में डेंगू के 14 मरीज : स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2025 में अप्रैल महीने में इंदौर में डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला था, जबकि इस साल 2026 में अप्रैल तक 14 मरीज सामने आ चुके हैं। जबकि इस साल अब तक इंदौर में डेंगू के 25 मरीज और मलेरिया के 8 मरीज मिल चुके हैं। जहां मरीज सामने आ रहे हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है।
कौन कौनसे क्षेत्र हैं संवेदनशील : स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले वर्ष भंवरकुआं, चंदन नगर, खजराना, मुसाखेड़ी और देपालपुर क्षेत्रों में अधिक मरीज मिले थे। इस बार इन इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही नीचली बस्तियों में और जिन बस्तियों और इलाकों के आसपास गंदे नाले बह रहे हैं वहां भी निगरानी करने की योजना बनाई जा रही है।
46 हजार घरों में सर्वे, 381 जगह मिला लार्वा: मलेरिया विभाग ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए अब तक 46 हजार 231 घरों का सर्वे किया है। सर्वे के दौरान 381 घरों में मच्छरों का लार्वा पाया गया। वहीं 2 लाख 18 हजार 912 कंटेनरों की जांच की गई, जिनमें से 372 में लार्वा मिला। विभाग ने लार्वा नष्ट करने के साथ लोगों को घरों में पानी जमा नहीं होने देने की समझाइश दी है। जिला मलेरिया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक विभाग लगातार सर्वे कर रहा है। ड्रोन की मदद से भी जांच की जाएगी। लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। नर्सिंग कॉलेज में प्रशिक्षण भी दिया गया है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

