
रायगड़ा (ओडिशा): ओडिशा के रायगड़ा जिले से भीड़ तंत्र की बर्बरता और संवेदनहीनता का एक बेहद विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहां 'बच्चा चोरी' की झूठी अफवाह के चलते उग्र भीड़ ने एक प्रमुख एनजीओ (NGO) के साथ काम कर रहे दो सामाजिक कार्यकर्ताओं (फेलो) पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान भीड़ ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए 22 वर्षीय युवती के कपड़े फाड़कर उसे निर्वस्त्र कर दिया, उसके बाल खींचे और गंभीर छेड़छाड़ की। वहीं उसके पुरुष साथी को भी बेरहमी से पीटा गया।
रास्ता भटकने पर 'गूगल मैप्स' का ले रहे थे सहारा
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक-युवती (दोनों की उम्र 22 वर्ष) एक प्रतिष्ठित फेलोशिप के तहत पिछले साल सितंबर से इस आदिवासी क्षेत्र में कल्याणकारी कार्यों के लिए काम कर रहे हैं। इनमें से युवती दिल्ली की और उसका साथी सूरत का रहने वाला है।
यह खौफनाक घटना 16 जून की रात करीब 8:30 बजे की है, जब दोनों स्कूटर से यात्रा कर रहे थे। रास्ता भटक जाने के कारण वे 'गूगल मैप्स' (Google Maps) की मदद से रास्ता ढूंढ रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र में फैली 'बच्चा चोर' की अफवाह के कारण स्थानीय ग्रामीणों को उन पर शक हो गया।
पीड़िता के अनुसार: “एक स्थानीय व्यक्ति ने हमें रोककर पहचान पत्र (ID Card) मांगा। हमने आईडी दिखाई, लेकिन उसने विश्वास नहीं किया। डर के मारे जब हमने वहां से भागने की कोशिश की, तो मोटरसाइकिलों पर सवार हिंसक भीड़ ने हमारा पीछा करना शुरू कर दिया। एक खेत के पास हमारा स्कूटर फिसल गया और भीड़ ने हमें दबोच लिया।“
ड्राइवर ने टी-शर्ट देकर बचाई पीड़िता की लाज
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एक स्थानीय ड्राइवर बलराम बाग मौके पर पहुंचे। भीड़ इस कदर हिंसक और बेकाबू हो चुकी थी कि उसने पुलिस वाहन का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) तक पीछा किया और अस्पताल परिसर में भी तोड़फोड़ करने की कोशिश की। इस भयावह स्थिति के बीच, ड्राइवर बलराम बाग ने अदम्य साहस और इंसानियत का परिचय दिया। उन्होंने अपनी टी-शर्ट उतारकर पीड़िता को दी और पुलिस की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस की कार्रवाई: 20 लोग गिरफ्तार
रायगड़ा के एसपी (SP) राज प्रसाद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई की बात कही है। पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले में अब तक तीन अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं। उग्र भीड़ में शामिल कई नाबालिगों सहित कम से कम 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गहरे सदमे में पीड़ित, NGO ने जताई चिंता
संबंधित एनजीओ ‘ग्राम विकास’ के अधिकारियों ने बताया कि इस वीभत्स घटना के बाद से दोनों फेलो गहरे सदमे (Severe Trauma) में हैं और फिलहाल किसी से भी बात करने की स्थिति में नहीं हैं। प्राथमिक उपचार और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है। यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया और समाज में फैलने वाली 'अंधविश्वास और अफवाहों' के घातक परिणामों को उजागर करती है, जिसने दो युवा समाजसेवियों की जिंदगी को खौफ से भर दिया।
Edited By: Naveen R Rangiyal

