Experts Views : बाजार के सेंटीमेंट में कमजोरी कायम, 23680 को नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट

Experts Views : IT,मेटल,रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के कारण पूरे सेशन के दौरान बाजार गिरावट के साथ कारोबार करते रहे। एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बावजूद,US-ईरान के बीच तनाव बढ़ने की आशंकाओं के चलते घरेलू निवेशकों ने इक्विटी में अपना निवेश कम कर दिया। US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने एक बार फिर घरेलू इक्विटी से विदेशी फंड की निकासी को बढ़ावा दिया है,जिससे बाजार का सेंटीमेंट खराब हुआ है। इसके चलते 7 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,800 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 382.62 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 76,132.81 पर और निफ्टी 118.55 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 23,779.15 पर बंद हुआ।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि सोमवार को निफ्टी इंडेक्स में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह 0.50% की गिरावट के साथ 23779 के स्तर के पास बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई, जो बाजार के सेंटीमेंट में लगातार बनी कमजोरी को दर्शाता है।

तकनीकी नजरिए से देखें तो इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे बना हुआ है और ये सभी नीचे की ओर जा रहे हैं,जो शॉर्ट से मीडियम टर्म में नेगेटिव ट्रेंड का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर बने हुए हैं। डेली RSI और गिरकर 34.72 पर आ गया है और नीचे की ओर ही जा रहा है,जो बढ़ते हुए बेयरिश मोमेंटम को दिखाता है। वहीं, डेली MACD बेयरिश ज़ोन में बना हुआ है और अपनी सिग्नल लाइन और ज़ीरो लाइन,दोनों के नीचे ट्रेड कर रहा है। खास बात यह है कि MACD हिस्टोग्राम पिछले 17 ट्रेडिंग सेशन से ज़ीरो लाइन के नीचे बना हुआ है,जो मौजूदा नेगेटिव ट्रेंड को और मज़बूत करता है।

निफ़्टी में शामिल कंपनियों में अपोलो हॉस्पिटल्स और आयशर मोटर्स सबसे ज़्यादा बढ़त बनाने वाली कंपनियां रहीं। जबकि इंफ़ोसिस और SBI लाइफ़ इंश्योरेंस में सबसे ज़्यादा गिरावट नजर आई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ़्टी फार्मा और निफ़्टी हेल्थकेयर ने अच्छा प्रदर्शन किया और बढ़त के साथ बंद हुए,वहीं निफ़्टी मीडिया और निफ़्टी IT का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.46% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेहतर मजबूती दिखाई और बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ कमजोर रही, जिसमें एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो गिरने वाले शेयरों के पक्ष में रहा। निफ्टी 500 यूनिवर्स में 318 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए,जो पूरे मार्केट में व्यापक बिकवाली के दबाव को दिखाता है।

निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि आगे 23720-23680 का ज़ोन निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है,क्योंकि 23070 से 24774 तक की पिछली बढ़त का 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट इसी इलाके में है। अगर निफ्टी निर्णायक रूप से 23680 के नीचे टूटता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 23550 के अगले अहम सपोर्ट लेवल की ओर जा सकता है। ऊपर की तरफ, 23870-23900 का जोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि सोमवार को बैंक निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुआ और इसने एक’बेयरिश कैंडल’बनाई। हालांकि,पिछले 24 ट्रेडिंग सेशन में बैंक निफ्टी एक दायरे में ही घूमता रहा है और लगभग 1254 अंकों के दायरे में उतार-चढ़ाव दिखाता रहा है,जिससे पता चलता है कि इसमें कोई साफ दिशा वाला ट्रेंड नहीं है। मौजूदा टेक्निकल सेटअप अभी भी कंसोलिडेशन के दौर का संकेत दे रहा है और मुख्य मोमेंटम इंडिकेटर व ऑसिलेटर बाजार के’साइडवेज’ रहने की ओर इशारा कर रहे हैं। आगे 57500-57600 का जोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। नीचे की तरफ, 56800-56700 का जोन एक अहम सपोर्ट बना हुआ है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग में SVP- रिसर्च,अजीत मिश्रा ने कहा कि सोमवार को बाजार में भारी बिकवाली का दबाव बना रहा। जियोपॉलिटिकल चिंताओं और US में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका के बीच बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। निफ्टी निचले स्तर पर खुला और पूरे सेशन के दौरान नेगेटिव दायरे में कारोबार करता रहा। अंत में 0.50% की गिरावट के साथ 23,779 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.50% गिरकर 76,132.81 पर बंद हुआ।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो ज्यादातर सेक्टरों में गिरावट रही। इस गिरावट की मुख्य वजह कमजोर ग्लोबल संकेत रहो। उम्मीद से बेहतर जॉब डेटा के बाद US में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका ने IT शेयरों और बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाला। इसके अलावा,US-ईरान के बीच जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें $97 के स्तर के आसपास बनी रहीं,जिससे सेंटीमेंट और खराब हुआ।

टेक्निकल तौर पर,निफ्टी 23,800 के इमीडिएट सपोर्ट लेवल से नीचे आ गया है। आज क्लोजिंग से संकेत मिलता है कि जुलाई के स्विंग लो (23,600 के स्तर) का दोबारा टेस्ट हो सकता है,जबकि किसी भी उछाल के दौरान 23,900–24,050 का दायरा एक मज़बूत रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। मौजूदा हालात को देखते हुए,सलाह है कि निफ्टी में उछाल पर बिकवाली की रणनीति अपनाएं। साथ ही,स्टॉक-स्पेसिफिक मामलों में सावधानी बरतें और बाजार के स्थिर होने तक रिस्क मैनेजमेंट पर सख्ती से फोकस करे।

 

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