भारत ने संयुक्त राष्ट्र के इक्वल अर्थ मैप को लेकर अपनी स्थति साफ की है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि इस प्रस्ताव का मतलब किसी खास नक्शे को मान्यता देना नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि प्रस्ताव में देशों की सीमाओं, विवादित इलाकों या जगहों के नाम को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया है। यह प्रस्ताव दुनिया का नक्शा इस तरह दिखाने से जुड़ा है, जिसमें हर देश का क्षेत्रफल उसके वास्तविक आकार के अनुपात में नजर आए। भारत ने अपने बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत भारत का पूरा क्षेत्र आधिकारिक भारतीय नक्शे के अनुसार ही दिखाया जाना चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को लेकर उसका रुख स्पष्ट और अटल है। खबर अपडेट हो रही है…
Latest News

