
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। खरगे ने GDP ग्रोथ के आंकड़ों को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश का आम नागरिक बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ती आर्थिक असमानता के ‘3 अ’ के बोझ तले दबा हुआ है। ALSO READ: पीएम मोदी का नया मंत्र- Wed in India, आखिर क्या है इसके मायने?
खरगे ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि लाइट्स, कैमरा और इनैक्शन (निष्क्रियता)! यह अर्थव्यवस्था के मामले में मोदी जी के पीआर (प्रचार) की कहानी है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदीजी, आप कह रहे हैं कि देश जीडीपी ग्रोथ का जश्न मना रहा है। आपके पास यह विलासिता हो सकती है, लेकिन आम आदमी के पास नहीं!
3 'अ' के बोझ तले दबा आम नागरिक
उन्होंने कहा कि हमारा आम नागरिक 3 'अ' के बोझ तले दबा हुआ है और इसके लिए आप जिम्मेदार हैं! 3 'अ' अभूतपूर्व बेरोजगारी, असहनीय महंगाई और अनियंत्रित असमानता! बेरोजगारी 50 साल के उच्चतम स्तर पर है। युवा स्नातकों में से 40% बेरोजगार हैं। जुलाई 2026 में 15 से 29 वर्ष की आयु के हर 6 में से 1 युवा भारतीय बेरोजगार था। हर साल 2 करोड़ नौकरियों का वादा चूर-चूर हो चुका है।
खुदरा महंगाई 19 महीने के उच्चतम स्तर पर है। चीनी, प्याज, टमाटर, दाल, खाना पकाने का तेल, चावल, दूध—रसोई की हर जरूरत आग उगल रही है। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी की कीमतें आम पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। मध्यम वर्गीय परिवार किसी तरह जीने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और गरीबों ने तो उम्मीद ही छोड़ दी है।
असमानता ब्रिटिश राज से भी बदतर हो गई है। शीर्ष 1% के पास भारत की कुल संपत्ति का 40% हिस्सा है। सबसे निचले 50% लोग बमुश्किल 15% पर गुजर-बसर कर रहे हैं। आपकी सरकार ने स्वतंत्र भारत के इतिहास में गरीबों से अमीरों की तरफ संपत्ति का सबसे बड़ा ट्रांसफर किया है। ALSO READ: 7.8% की शानदार विकास दर के बीच पीएम मोदी ने क्यों की सोना नहीं खरीदने की अपील?
Lights. Camera and INACTION
This is the story of Modi ji's PR when it comes to the Economy.
.@narendramodi ji,
You are saying that the country is celebrating GDP Growth.
You may have that luxury, but the Aam Aadmi does NOT!
Our Common people are burdened by 3 'U's and YOU…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) September 1, 2026
क्रोनी कैपिटलिज्म इकलौती आर्थिक नीति
खरगे ने कहा कि अंधाधुंध क्रोनी कैपिटलिज्म (पक्षपातपूर्ण पूंजीवाद) ही आपकी इकलौती आर्थिक नीति है। आपकी सरकार ने 2014 से लेकर अब तक 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कॉर्पोरेट कर्ज को बट्टे खाते (राइट ऑफ) में डाल दिया है। इसके सबसे ताजा और चौंकाने वाले उदाहरण में, लेनदारों ने 22,006 करोड़ रुपये के दावों के मुकाबले महज 6.5 करोड़ रुपये वसूले, यानी 99.97% की भारी-भरकम छूट (हेयरकट) दे दी गई। ALSO READ: 7.8% विकास दर पर गदगद हुए पीएम मोदी: बोले- दुनिया संकटों में फंसी है, फिर भी तेजी से आगे बढ़ रहा भारत
खरगे ने बताया क्या बदला?
उन्होंने कहा कि देश ने देखा है कि भारत के प्रधानमंत्री एक चहेते मित्र के लिए पर्सनल ट्रैवल एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं! भारतीयों से सोना न खरीदने और विदेश यात्रा न करने के लिए आपके बार-बार दिए जाने वाले उपदेश जमीनी हकीकत को बयां करते हैं। सच्चाई यह है कि जनता से झूठ बोलने की आपकी क्षमता के अलावा कुछ भी नहीं बदला है!


