पश्चिम एशिया के संकट के बीच भारत की बड़ी आर्थिक छलांग: जीडीपी ग्रोथ 7.8% रही, RBI का अनुमान पीछे छूटा

पश्चिम एशिया के संकट के बीच भारत की बड़ी आर्थिक छलांग: जीडीपी ग्रोथ 7.8% रही, RBI का अनुमान पीछे छूटा

GDP of India

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई के तमाम दबावों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत प्रदर्शन किया है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून (Q1) तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7.8% दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस तिमाही के लिए 7% ग्रोथ का अनुमान जताया था, जिसे अर्थव्यवस्था ने पीछे छोड़ दिया है। एक साल पहले की इसी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.9% रही थी। ALSO READ: 7.8% विकास दर पर गदगद हुए पीएम मोदी: बोले- दुनिया संकटों में फंसी है, फिर भी तेजी से आगे बढ़ रहा भारत

 

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद देश के आर्थिक पहिए की रफ्तार नहीं थमी। इससे संकेत मिलता है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान सब्सिडी का प्रभाव अप्रत्यक्ष करों की तुलना में अधिक सकारात्मक रहा।

 

विभिन्न सेक्टरों का प्रदर्शन

आंकड़ों के मुताबिक, अर्थव्यवस्था के ज्यादातर प्रमुख क्षेत्रों में शानदार तेजी देखने को मिली है:

 

फाइनेंस, रियल एस्टेट, आईटी और प्रोफेशनल सर्विसेज: इस सेक्टर में सबसे शानदार 11.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिसने महंगाई के दबाव के बीच जीडीपी की रफ्तार को थामे रखा।

मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र: विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर मजबूत होकर 9.2 प्रतिशत पर रही।

बिजली, गैस, पानी और अन्य सेवाएं: इस यूटिलिटी और सेवा क्षेत्र ने 8.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

व्यापार, होटल, ट्रांसपोर्ट और संचार सेवाएं: इस सेक्टर में 8.5 प्रतिशत की दमदार तेजी देखने को मिली।

कृषि एवं संबंधित क्षेत्र: कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 3.6 प्रतिशत दर्ज की गई।

खनन क्षेत्र : समीक्षाधीन तिमाही के दौरान केवल खनन (Mining) क्षेत्र का प्रदर्शन कमजोर रहा, जिसकी वृद्धि दर नकारात्मक 2.4 प्रतिशत दर्ज की गई। ALSO READ: 100% स्वदेशी AK-203 'शेर': अमेठी में तैयार हुई देश की पहली पूरी तरह देसी गन, जानिए INSAS के मुकाबले कितनी घातक है भारतीय सेना की नई राइफल!

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान

देश के इस मजबूत आर्थिक प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका पूरा श्रेय भारत के मेहनती नागरिकों को दिया। उन्होंने कहा कि इस मजबूत प्रदर्शन का श्रेय देश के लोगों और उनकी कड़ी मेहनत को जाता है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार द्वारा किए गए दूरदर्शी सुधारों और अर्थव्यवस्था के कुशल प्रबंधन के बेहतरीन परिणाम अब सामने आ रहे हैं। ALSO READ: LPG Price 1 September: सितंबर की शुरुआत में महंगा हुआ कमर्शियल सिलेंडर, जानें दिल्ली-मुंबई समेत 4 महानगरों में नए दाम

 

जीडीपी के विभिन्न घटकों के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि जून तिमाही के दौरान निवेश मांग में तेज उछाल आया और यह 11.9 फीसदी रही। हालांकि, इस दौरान निजी उपभोग 7.1 फीसदी और सरकारी खर्च 4.3 फीसदी की दर से बढ़ा, जो पिछली मार्च तिमाही की तुलना में थोड़ा धीमा है। इसके बावजूद वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की यह रफ्तार देश की मजबूत आंतरिक क्षमता को दर्शाती है।